मेहरानगढ़ फोर्ट

मेहरानगढ़ फोर्ट जोधपुर की सैर : Travel Guide PART 1

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मेहरानगढ़ फोर्ट के बारे में मैंने बहुत सुना था और पढ़ा भी था , भारत के विशाल किलो में से एक किला जो की सुंदर वास्तुकला और समर्धशाली अतीत के लिए प्रशिद्ध है और अब जब मैंने इसकी यात्रा की तो इन सब बातो से सहमत हूँ . इस किले से पहले मैंने राजस्थान के लघभग 7-8 किलो में भ्रमण किया है लेकिन मेहरानगढ़ फोर्ट जोधपुर  में कुछ अलग बात है उन सबसे शानदार .

06 MAY 2018 के दिन मैंने शाम को 3 घंटे बिताए इस किले में एक गाइड के साथ ताकि कुछ एतिहासिक बातो के पीछे की सच्चाई को जाना जा सके . केवल एक अफ़सोस ये है की ज्यादा तस्वीरे नहीं ले पाया गर्मी के वजह से . मै अपने ब्लॉग में जैसलमेर और जोधपुर के बारे में हमेशा से लिखना चाहता था अब समय आया है की खुलकर लिख सकू और कोशिश करूंगा ब्लॉग ज्यादा लंबा न हो .

मेहरानगढ़ फोर्ट जोधपुर और उसका इतिहास

मेहरानगढ़ फोर्ट

नीले शहर जोधपुर की एक पहाड़ी पर 400 फीट ऊंचाई पर बना मेहरानगढ़ फोर्ट  जोधपुर जिसकी लाल बलुआ पत्थर से बनी दीवारों को पहली नजर में देखते ही समझ आ गया था की एक शहर की सुरक्षा के लिए इस से बेहतर कुछ नहीं हो सकता. किले को राठौड़ वंश के 15वे राजा राव जोधा ने बनवाना शुरू किया था , उन्हें लगता था की उनकी पुरानी राजधानी मंडोर उनकी रियासत के लिए सुरक्षित नहीं है क्यूंकि वहां पहले से ही कई आक्रमण हो चुके है .

मेहरानगढ़  यानि के सूर्य का गढ़, की स्थापना के बाद मंडोर को सुनसान छोड़ दिया गया . अगर आप मंडोर देखना चाहते है तो पर्यटक के लिए वो जगह खुली है. मंडोर का वो गढ़ जहाँ की दीवारे आज भी एक रियासत के विस्थापित होने की गवाही देती है. राव जोधा के नाम पर ही शहर को जोधपुर कहा जाता है.

जय पोल और मेहरानगढ़ फोर्ट जोधपुर का प्रवेश द्वार

KEERAT SINGH SODHA मेहरानगढ़ फोर्ट
कीरत सिंह सोढा की छतरी

एक बात मै पहले ही आपको बता दू की ये मेहरानगढ़ फोर्ट जोधपुर फोटोग्राफर किस्म के लोगो के लिए एक वरदान है किले के परवेश द्वार से ही तस्वीर लेने को मन हो जाता है , जय पोल के पास बनी कीरत सिंह की छतरी की तस्वीर लेने की मैंने खूब कोशिश की पर गर्मी के वजह से प्रयास सफल नहीं रहा खैर आगे बढ़ते है ये छतरी कीरत सिंह सोढा की याद में बनवाई गई थी जो की जयपुर की सेना के साथ युद्ध में मेहरानगढ़ फोर्ट  की रक्षा करते हुए शहीद हो गये थे.

जय पोल मेहरानगढ़ फोर्ट
जय पोल

छतरी के पास कुछ कदम पर है जय पोल जिसे की जयपुर की सेना पर जीत के बाद बनवाया गया था इस शानदार गेट को महाराजा मान सिंह जी ने बनवाया था जिसकी दीवारों पर हिन्दू धर्म के इतिहास और कथाओं को सम्भोधित करती कलाकृतिय बनी हुई है जो की मुख्य आकर्षण है इस पोल का .

जय पोल के बाद एक और विजय की निशानी के लिए बने दरवाजे से प्रवेश के बाद किले के अन्दर की असली बनावट दिखती है, लाल बलुवा पत्थरों से बनी ऊँची दीवारे और तंग मोड़ जिन्हें दुश्मन के लिए बनवाया गया था वाकई में एक सुन्दर वास्तुकला का नायाब उदाहरण है ये मेहरानगढ़ फोर्ट जोधपुर . इस से आगे बढ़ने पर आता है डेढ क्म्ब्रा पोल

मेहरानगढ़ फोर्ट का डेढ क्म्ब्रा पोल

MARKS ON JODHPUR MEHRANGARH WALLS
दीवार पर जयपुर की सेना के गोलों के निशाँ

राजस्थान के हर किले में प्रवेश के बाद कई पोल यानी के दरवाजे आते है वैसे ही जोधपुर के मेहरानगढ़ किला में भी है , महाराजा मान सिंह द्वारा बनवाए गए जय पोल और महाराजा अजित सिंह द्वारा मुगलों पर जीत की खुशी में बनवाए गए दुसरे पोल के बाद आता है ये आश्चर्यजनक दरवाजा जिसकी दीवारों पर गड्ढे बने हुए है , गाइड ने बताया के ये गड्ढे जयपुर की सेना की गोलाबारी की वजह से बने थे उस समय दुश्मन की तोप के गोले भी इन दीवारों को गिरा नहीं पाए थे

RAJA RAM MEGHWAL MEHRANGARH FORT
राजा राम मेघवाल स्मारक

इस दरवाजे के पास में थोडा आगे चलने पर आती है वो जगह जंहा पर इस किले की स्थापना के समय बलि दी गई थी “ गाइड के अनुसार जब राव जोधा इस पहाड़ी पर मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण करवा रहे थे तब एक संत चीडिया नाथ जी जो की इस जगह रहते थे वो राव जोधा से नाराज हो गये की इस पहाड़ी पर किले के निर्माण वजह से उन्हें अपना स्थान छोड़ना पड़ रहा है . क्रोधित संत ने श्राप दिया की उनका साम्रज्य पानी की कमी से ग्रस्त होगा कभी किले का निर्माण पूरा नहीं हो पायेगा उनके इस श्राप से बचने के लिए एक इंसान की बलि दी गई जिनका नाम था राजा राम मेघवाल . राजा राम जोधपुर के ही निवासी थे और अपनी इच्छा से उन्होंने प्राणों की बलि दी थी केवल एक शर्त थी के राजा उनके परिवार की देखभाल करेंगे तो .

राजा राम को जीवित किले में दफ़न करने के बाद किले का निर्माण संपन हुआ ये किस्सा इस किले के कुछ कडवे सत्य में से एक है इस स्थान तक ही राव जोधा ने असल मेहरानगढ़ फोर्ट जोधपुर का का निर्माण किया था इस जगह के बाद अन्य महलो और दरवाजो का निर्माण पीढ़ी दर पीढ़ी राजाओ द्वारा करवाया गया है.

इस से आगे की यात्रा अगले भाग में जारी रहेगी … यंहा पढ़े भाग-2

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

2 thoughts on “मेहरानगढ़ फोर्ट जोधपुर की सैर : Travel Guide PART 1

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