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खारी बावली दिल्ली: एशिया का सबसे बड़ा मसाला मार्केट

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दिल्ली के मशहूर चांदनी चौक के पश्चिमी हिस्से में बनी खारी बावली आज के समय में एशिया की सबसे बड़ी मसाला मार्केट मानी जाती है लेकिन फिर भी अफ़सोस की बात है इतना मशहूर होने के बाद भी पर्यटक इसे नजर अंदाज कर देते है | पर्यटक ही नहीं दिल्ली की जनता भी खारी बावली के बारे में नहीं जानती, मैंने भी एक दिन Instagram पर फोटो देखने के बाद बावली देखने जाने की योजना बनाई| आज के इस ब्लॉग में मै आपको एशिया की सबसे बड़े मसाला मार्केट की सैर करवाऊंगा और साथ में इसके इतिहास से वाकिफ करवाऊंगा |

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छत्त से खारी बावली ( गदोदिया मार्केट )

खारी बावली 400 साल पहले बावडियो ( step-wells ) का समूह था जिनका पानी स्वाद में नमकीन होने के वजह से कभी उनको इस्तेमाल नहीं किया गया इसलिए समय के साथ साथ वो बावडिया नष्ट हो गयी और उनमे से एक बावड़ी के मलबे पर गदोदिया मार्केट बन गई जो की आज एशिया की सबसे बड़ी मसाला मार्केट है |

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खारी बावली का इतिहास

इतिहासकारो की माने तो खारी बावली का निर्माण शेर शाह सूरी के बेटे इस्लाम शाह के शाशन में शुरू हुआ था, लेकिन इस्लाम शाह की हत्या के बाद आदिल शाह ने 1551 में बावली का निर्माण पूरा करवाया था | उस जमाने में दिल्ली का नाम शेरगढ़ था और न ही दिल्ली में चांदनी चौक था न ही जामा मस्जिद , ये बाकि सब इमारते दिल्ली में मुग़ल वंश के आने के बाद बनी थी | खारी बावली में पानी खारा निकलने के वजह से इन्हें निरुपयोगी घोषित कर दिया गया था और कुछ सदियों बाद 18वी सदी में यहाँ मसालों का बाजार बन गया जो की आज तक पीढ़ी दर पीढ़ी चलता आ रहा है |

खारी बावली की मेरी यात्रा

एक दिन युहीं पुष्कर में बैठे मैंने Instagram पर खारी बावली की तस्वीर देख ली जो की बेहद ही खूबसूरती से खिंची गयी थी साथ में कैप्शन में बावली के बारे में कुछ जानकारी भी जिसे पढ़ मैंने पुष्कर के बाद सीधा दिल्ली भ्रमण की योजना बना ली और मेट्रो की सहायता से एक सर्द सुबह पहुँच गया मै चांदनी चौक | लेकिन मैंने उस तस्वीर वाली जगह को खारी बावली समझ लिया जबकि उस जगह का नाम गदोदिया मार्केट है जो की एशिया की सबसे बड़ी मसाला मार्केट है | आम जन से रास्ता पूछ कर मै कुछ मिनटों में उसी मार्केट के अंदर था जो Instagram पर मैंने देखि थी, चारो तरफ लगी मसाले की ढेरी और हवा के साथ छींक लेने को मज़बूर करती मिर्ची की गंध | अगर आप यहाँ जाते है तो इस बात का ध्यान रखे की अगर आप बिना मुह ढके बाजार में प्रवेश करते है तो हो सकता है आपको मिर्ची की वजह से बार बार खांसी या छींक आये |

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मसालों की दर
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मार्केट की छत्त की ओर जाते हुए

तीन मंजिला इस मार्केट के तल में मसाला मार्केट है जबकि ऊपर के दो मालो में यहाँ काम करने वाले मजदूरो के लिए कमरे बने हुए है जो की कई दशको पहले बनाये गये थे | मैंने थोड़ी बहुत जानकारी दुकानदारो से बात करके हासिल की थी जिस से पता चला के यहाँ मसालों में धनिया कोटा से, निजामाबाद से हल्दी और गुंटूर से लाल मिर्च की आवक होती है| दिल्ली के इस व्यवस्थित बाजार में मसालों के अलावा ड्राई फ्रूट्स, गुड, रीठा और शिकाकाई भी थोक में सस्ते दामो पर मिलते है |

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दुसरे और तीसरे माले पर बने शर्मिको के आवास
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खारी बावली की छत्त से दिखती फतेहपुरी मस्जिद ( इस मस्जिद का निर्माण शहन्जहाँ की बेगम ने करवाया था )

मै दिल्ली में एक पर्यटक के हिसाब से आया था इसलिए मुझे मसाले नहीं खरीदने थे इसलिए मै मार्केट में ज्यादा देर रुकने की बजाय सीधा छत्त पर आ गया था ताकि कुछ तस्वीरे ले सकू और पुरानी दिल्ली को ऊंचाई से निहार सकू | खारी बावली के पीछे फतेहपुरी मस्जिद है जिसका निर्माण शाहजहाँ की बेगम फतेहपुरी ने करवाया था अगर समय बचता है तो आप मस्जिद भी जा सकते है |

खारी बावली की छत्त से जितना सुंदर नजारा देखने को मिलता है उतनी ही गन्दी छत्त भी है, छत्त पर घूमते हुए वहां पड़ी बियर की बोत्तल और कंडोम के पैकेट देख बड़ा दुःख हुआ के जिस जगह को Instagram पर इतना खुबसूरत देखते है वो असल में है कितनी गन्दी | ध्यान रखे घूमते वक्त नजर निचे भी रखे लापरवाही न करे वरना कुछ अपशिष्ट ठोस चीजो पर आपका पैर पड़ सकता है 😛

कुछ अन्य जानकारी

अगर बावली देखने के लिए सबसे अच्छे समय की बात की जाए तो सुबह जल्दी और शाम को सूर्यास्त के समय जाना सबसे बेहतर है क्यूंकि दोपहर में खरीददारों की भीड़ की वजह से घूमने में दिक्कत हो सकती है | खारी बावली को अच्छे से घूमने के लिए आप फतेहपुरी मस्जिद से अपनी यात्रा को शुरू कर परांठा गली में ख़तम कर सकते है |

कैसे पहुंचे

चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन खारी बावली के सबसे नजदीक स्तिथ मेट्रो स्टेशन है जो की दिल्ली मेट्रो की येलो और वायलेट लाइन से जुडा हुआ है | मेट्रो स्टेशन से इलेक्ट्रिक रिक्शाव द्वारा 10 रुपए देकर गदोदिया मार्केट पहुँच सकते है इसके अलवा ओला कैब की सुविधा है जो की भीड़ भरा रास्ता होने के वजह से गलत फैसला साबित हो सकता है | खारी बावली मेट्रो स्टेशन से 20 मिनट की पैदल दुरी पर है इसलिए पैदल भी आसानी से जा सकते है हर मोड़ पर बावली के लिए दिशा सूचक संकेत लगे है |


पिछली पोस्ट – हुमायूँ का मकबरा दिल्ली

अगर खारी बावली की कोई और जानकारी लेनी हो तो कमेंट करके पूछ सकते है |

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

2 thoughts on “खारी बावली दिल्ली: एशिया का सबसे बड़ा मसाला मार्केट

    Usha

    (January 7, 2019 - 8:29 am)

    Apki yatra tohh kaafi majjedaar lggi lekin photo sehh lggta hn yhha safai paar logg kaam dhyan dette hn…

    […] ब्लॉग – खारी बावली दिल्ली , my year […]

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