Hawa mahal of jaipur : A photostory from jaipur

Hawa mahal of jaipur : photo story in hindi

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मई की तारीख 12, साल 2018 . जयपुर का भीड़ भाड़ भरा बड़ी चौपड़ का इलाका . गर्मी का आगमन हो चूका है गरम हवा और ट्रैफिक जाम पर्यटकों का स्वागत कर रहे है . ठीक सामने गुलाबी रंग की एक पांच मंजिला इमारत , मुग़ल और राजपूत शैली से तैयार विश्व का एक मात्र बिना आधार का सबसे बड़ा महल , जो की हुबहू भगवन श्री कृष्ण के राज मुकुट जैसा प्रतीत हो रहा है . अभी कुछ 12 साल पहले इसकी मरम्मत हुई है . पर्यटक और फिल्म निर्माता की एक मनपसंद जगह जिसे हम जानते है हवा महल ( PALACE OF WINDS  ,Hawa mahal of jaipur ) के नाम से.

गुलाबी नगरी में बड़ी चौपड़ चौराहे से कुछ कदम की दुरी पर खड़ा ये महल कई रहस्य समेटे हुए शोध का विषय बना हुआ है , बड़े बड़े वैज्ञानिको ने शोध किये पर ठीक से इसके राज कोई नहीं बता पाया . मधुर संगीत की धुन की तरह बिखरे यंहा के रंग देख कर अपनापन सा प्रतीत होने लगा है इस बार जयपुर भ्रमण के दौरान.

Hawa mahal of jaipur : हवा महल का इतिहास

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सूर्यास्त से कुछ समय पहले हवामहल

जयपुर के हवा महल को क्यों बनवाया गया ? दरअसल हवामहल के निर्माण के पीछे एक दिलचस्प कहानी है जयपुर के सवाई प्रताप सिंह जी एक दिन अपने निवास में भोज के लिए अपनी महारानियो और कुछ राजपरिवार के सदस्यों का इन्तेजार कर रहे थे . बार बार उनको बुलावा भिजवाने के बाद भी महारानिया नहीं आई अंत में सवाई प्रताप सिंह ने आदेश दिया के इस बार न आये तो उन्हें काल कोठरी में बंद कर दिया जाए .

अब क्रोधित राजा के सामने डरी सहमी महारानिया हाजिर हुई उनसे नाराजगी की वजह पूछी तो उन्होंने जवाब दिया की राजमहल के सुख सुविधाओ के अलावा वो शहर देखना चाहती है यंहा के तीज त्यौहार देखना चाहती है दरअसल उस दौर में पर्दा प्रथा जोरो पे थी राजपूती महारानियो को महल से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी न वो खिड़की से बहार झाँक कर देख सकती थी कुल मिलाकर राजमहल में केवल सुख सुविधाओ के अलावा महल के बाहर की दुनिया से राजमहल की महिलाओ को दूर रखा जाता था .

सवाई प्रताप सिंह जी ने उनकी व्यथा सुन ने के बाद एक एसा महल बनवाने की ठानी जो कल्पनाओ में भी किसी ने नहीं बनवाया होगा , और ये अनोखा महल बनाने की जिम्मेवारी दी गई उस दौर के मशहूर आर्किटेक्ट लाल चाँद उस्ताद को . एक महल जहा हवा पानी का प्रबंध हो जहा से बाहर का नजारा दिखे लेकिन अन्दर कोई नहीं देख पाए . युही कल्पनाओ में बनाया गया महल वास्तव में बनकर खड़ा हुआ तो बन गया गुलाबी नगरी का हवा महल .

Hawa Mahal क्यों कहा जाता है

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वो झरोखे जिसमे से ठंडी हवा अंदर प्रवेश करती है

हवा महल  यानी हवा का महल , नाम से ही मतलब साफ़ है . लघभग 953 छोटी खिड़कियो से बने इस महल में सामने से सीधी हवा अंदर प्रवेश करती है और महल को हमेशा ठंडा रखती है. पांच मंजिला पिरामिड आकर के इस महल की पांचवी मंजिल के कारण इसका नाम हवा महल पड़ा उस मंजिल को हवा मंदिर कहते है .

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महल का एक झरोखा

सिटी पैलेस से हवा महल की सैर

जयपुर का हवा महल

बड़ी चौपड़ चौराहा एक व्यस्त सड़क है, हवा महल को देखने का सबसे बढ़िया समय है सुबह छह बजे से दस बजे तक उसके बाद महल रोड पर ट्रैफिक जाम और पर्यटकों की भीड़ बढ़ जाती है हालाँकि हवा महल के अंदर प्रवेश नौ बजे के बाद होता है लेकिन आप अगर तस्वीरे लेना चाहते है महल की बाहर से, जो की मुख्य आकर्षण है तो शहर के जागने से पहले पैदल निकल जाए वरना दोपहर या शाम के समय अच्छे से तस्वीरे नहीं ले पायेगे . मैंने भी यही गलती की सूर्यास्त से कुछ देर पहले जाके .
इस महल में सीधे प्रवेश करने के लिए कोई द्वार नहीं है हवामहल में अंदर जाने के लिए सिटी पैलेस से एक शाही दरवाजे का उपयोग होता है .

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महल के सामने बड़ी चौपड को जाते मार्ग पर मुफ्त जलसेवा

हवामहल जयपुर में पांच मंजिले है जिनमे पहली और दूसरी मंजिल के सामने आँगन है जबकि उपरी तीन मंजिलो का परिमाप एक कमरे की चौड़ाई के बराबर है, पांचवी मंजिल तक चढ़ने के लिए कोई सीढ़ी नहीं है केवल रैंप है.
अभी 12 साल पहले 2006 में महल की मरम्मत जरुर हुई थी लेकिन फिर भी इसके रखरखाव में कुछ कमी नजर आती है, गुलाबी नगरी के मुख्य आकर्षण और राजपुताना शैली के अनूठे उदाहरण हवा महल पर प्रशाशन को ध्यान देने की आवश्यकता है.

हाथी गाँव और नाहरगढ़ घूमने के बाद यंहा तक पहुँचने में मैंने देर कर दी, उस समय तक महल के बाहर चहल पहल काफी बढ़ गई थी क्यूंकि महल के सामने सडक के दोनों तरफ दुकाने है जो की हाश्तशिल्प का सामान , चमड़े का सामान बेचते है .तस्वीरे ठीक से नहीं ले पाया अगली बार कोशिश करूंगा फिर कभी जयपुर भ्रमण हुआ तो अच्छे से तस्वीरे ले पाऊ और इस चिट्ठे में अपडेट करू .

जयपुर में घुमने लायक जगह

Hwa mahal jaipur के बारे में और यंहा पढ़े ( क्लिक करे )

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

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