आमेर की कालकोठरी और मुग़ल शिलालेख : HAUNTED CELL AMER

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आमेर के इतिहास और कई सारी तस्वीरे हम इन्टरनेट पर देखते आये है आमेर एक बड़ी रियासत भी बना एक समर्ध रियासत भी बना लेकिन मुगलों का गुलाम भी रहा वहां आज भी मुगलों की गुलामी की निशानियाँ नजर आती है, हो सकता है राजा भारमल अकबर के मुकाबले कमजोर थे और प्रजा के हित में संधि की होगी उनसे लेकिन मुग़ल ठहरे मुग़ल वो ऐसी निशानिय छोड़ गये जो आज भी वहां की दीवारों में साफ़ झलकती है अकबर काल में आमेर महल निर्माण पूरा होने के बाद फ़ारसी में लिखा एक शिलालेख जिसे मैंने आमेर दुर्ग की यात्रा के दौरान देखा जो शायद इन्टरनेट पर नहीं दिखा कभी न ही मैंने सुना था कभी .

आमेर दुर्ग के अनसुने राज़

 rock inscription, PETRO GRAPH IN AMER FORT
आमेर दुर्ग में फ़ारसी में लिखा शिलालेख

मुग़ल शिलालेख

फ़ारसी में लिखा इस शिलालेख को बाद में पर्यटकों के पढने के लिए हिंदी और english में भी लिखा गया है, इसमें लिखा है की

सुल्तानों को पनाह देने वाले शहंशाह दीन दुनिया के जलालुदीन मोहम्मद अकबर बादशाह , खुदाए बुर्ज हमेशा उनका मुल्क कायम रखे ,के जमाने में बुलंद आदेश देने वाले और अपने साम्रज्य की इमानदारी और इन्साफ से महाराजा मान सिंह पुत्र राजा पिरथी राज कछवाहा , उनका राज इक़बाल हमेशा कायम रहे तारीख माह हिज्जा सन हजार आठ में स्वर्ग जैसी इमारत पच्चिश साल की मुद्दत में नियत सलीके के साथ मुक्कमल हुई तथा कुशलता पूर्वक सजाई एवम सवारी गई .

जिस प्रकार आसमान हमेशा बारिश से भरा रहे , महाराजा की उम्र दौलत बुनियाद एवं यह इमारत भी हर प्रकार के नुकसान से खाली रहे

अब इसको पढके लगता है मुग़ल तारीफ़ भी खुद से पहले नहीं करते थे खैर मजबूत और निर्दयी थे इतना तो सहन करना ही था मानसिंह को .

आमेर किले की भूतिया काल कोठरी : SOLITARY CELL, DARK ROOM IN AMER FORT

अब इसी शिलालेख के सामने जनाना महल में एक काल कोठरी है जिसके बारे में मैंने किले में जाकर ही सुना या देखा पहले कभी इन्टरनेट पर नहीं देखा न ही अब दिखता कही असल में बात ये है इतिहास की के राजा महाराजा होते थे नियम के पक्के खासकर के राजपूत राजा भले मुगलों के गुलाम थे लेकिन प्रजा और परिवार के लिए उनके कुछ कड़े नियम कायदे होते थे . इसे में अगर कोई रानी पटरानी राजा के साथ गुताखी करती तो उसे काल कोठरी में भेज दिया जाता था न जाने कितने ही साल तक वो उनमे रहती और गलती के लिए क्षमा मांगने के लिए रोती चिल्लाती पर राजा अगर यूँ जुबान से अपने फैसलों से बदलते तो प्रजा में इज्जत नहीं रहती इसलिए रानिया इसी कोठरी में दम तोड़ देती थी .

कालकोठरी आमेर किला, DARK CELL IN AMER FORT
जनाना महल में बनी काल कोठरी

ये एक छोटा सा कमरा जो की जनाना महल में तलहटी में बना हुआ है इसमें केवल सूरज की रौशनी को देखने के लिए एक छोटा सा छेद या रोशनदान ही है इसमें गद्दार रानिओ ने दम तोडा है जिसकी वजह से उनकी चीखे रात में गूंजती है अब ये बात गाइड महोदय ने बताई है मेरे पास सबूत नहीं है आप कभी आमेर जाए तो पता करना आपको भी गाइड यही सब बतायेगे और राजस्थान में ऐसे किस्से अक्सर प्रचलित है की चित्तोड़ के किले में इंसान जलने की बदबू , जैसलमेर में रानियों के रोने की आवाज , भानगढ़ में भूतो का साया पता नहीं कितनी ही बाते है जो सब लोग मानते है .

KAALKOTHRI AAMER FORT, SOLITARY, DARK CELL AMER FORT
कालकोठरी का तिरछा रोशनदान जहा से केवल सूरज की रौशनी आती थी

आमेर दुर्ग में बनी ये काल कोठरी अब लघभग क्षतिग्रस्त हो चुकी है इसे देख पर्यटक मजाक उड़ाते है इसमें घुसते है हस्ते है चिल्लाने का नाटक करते है लेकिन जैसे ही गाइड ने भूतिया दास्ताँ बताई वही कलाकार पर्यटक लोग मुह पिचका के बहार निकले मानो भूत ने ही बताया हो आके . इसमें मौजूद ये तिरछे रोशनदान इसका छोटा आकार देख कर अंदाजा लग सकता है की इसमें कैद कैदी ने कैसे अपने पूरी उम्र को बिताया होगा अब ऐसे इतिहास सुनके कहानिया बनती ही है भूतिया हो भी सकते है जब भगवन को मानते है तो ये सब भी कही न कही इस दुनिया में है .

आमेर का दूसरा लेख पढने के लिए यंहा जाए जिसमे की आमेर की कन्टाप तस्वीरों के जरिये सैर करवाने की कोशिश की है …

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

1 thought on “आमेर की कालकोठरी और मुग़ल शिलालेख : HAUNTED CELL AMER

    Jiya

    (March 26, 2018 - 6:14 pm)

    Osm click

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