गलता जी मंदिर जयपुर, गलता, कुंड

100 साल की तपस्या का फल : गलता जी मंदिर जयपुर

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100 साल की तपस्या का फल : गलता जी मंदिर जयपुर

इस यात्रा चिट्ठे को लिखने से ठीक बीस दिन पहले मै जयपुर में था , राजस्थान के इस गुलाबी शहर में पैदल फिरने के बाद मेरा फिर से इस शहर से प्रेम जवान हो गया. जयपुर शहर से जुड़ा मेरा ये दसवा यात्रा चिट्ठा है बाकी के यात्रा चिट्ठे पढने के लिए यंहा क्लिक करे .

इस यात्रा चिट्ठे में मै आपको गलता जी मंदिर जयपुर की सैर करवाऊंगा .

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कुंड से गलता जी मंदिर जयपुर का नजारा

इस बार जब मै जयपुर पहुंचा तो गर्मिया शुरु हो चुकी थी लेकिन इतनी भी नहीं के कहीं घुमा ना जा सके, इक्के दुक्के विदेशी सैलानी भी सडको पे नजर आ रहे थे खैर गरम हवाओं का जोर था, हमारे हरियाणा और दिल्ली की गर्मी यंहा की गर्मी के मुकाबले छोटी बच्ची सी है लेकिन फिर भी सुबह 10 बजे तक और शाम को 5 बजे बाद आप जयपुर में घूम सकते है

जयपुर से 10 किलोमीटर की दुरी पर बसे गलता जी मंदिर जयपुर का अपना एक अलग ही महत्व है , यंहा मानसून यानी के सावन के महीने में श्रद्धालु जल लेने आते है क्युकी यंहा बने गलता कुंड का पानी पवित्र है .

गलता जी मंदिर का इतिहास

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गलता जी मंदिर जयपुर

गुलाबी पत्थरों से बने इस मंदिर की स्थापना अठारवी सदी में मान सिंह के राज में दीवान राव ने करवाई थी , इसमें दो पवित्र कुंड है जहाँ से सावन के महीने में श्रद्धालु जल लेकर जाते है . इसके इतिहास के बारे में ये कहा जाता है यंहा संत गालव ने 100 साल तपस्या की और यही समस्त जीवन बिताया. उनकी इस तपस्या से खुश होकर भगवान् ने वरदान दिया के इस जगह को हमेशा पवित्र माना जाएगा और पूजा जाएगा इसी के बाद यंहा एक मंदिर बनवाया गया जिसका नाम संत गालव के ही नाम पर गलता जी मंदिर जयपुर  पड़ा.

अभी हाल में मंदिर के विकास का समस्त कार्य भार महाराज परम पावन जगद्गुरु श्री स्वामी सम्पकुमार अवधेशचार्य जी द्वारा सम्भाला जा रहा है

गलता जी मंदिर की सैर

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ज्ञान गोपाल जी मंदिर

मैप की मदद से मै गलता जी मंदिर तक पहुंचा बिना किसी परेशानी के हालांकि इलाका थोडा सा सुनसान जरुर है लेकिन है शानदार , शहर की भीड़ से एक दम परे. मंदिर का मुख्य दरवाजा जो की गुलाबी पत्थर से बना है , अन्दर घुसते ही दायें और बाएं दोनों तरफ मंदिर बने है जिनमे से एक ज्ञान गोपाल जी को समर्पित है .

ब्रह्मा जी मंदिर

यंहा पर्यटकों की सुविधा के लिए प्याऊ बनाए गये है इनके अलावा अंदर पिने के पानी का कोई स्त्रोत नहीं है, इनके ठीक पास में एक नवनिर्मित बरह्मा जी का मंदिर है बरह्मा जी के मंदिर के पास से ही सीढ़ी द्वारा गलता जी कुंड तक जाने का रास्ता है जहाँ बनी छतरियों पर बन्दर आपका स्वागत करते नजर आ जायेंगे

पवित्र कुंड, जयपुर , घाट के बालाजी
मंदिर का कुंड

आजकल के युवा इन कुंड का महत्व कम समझते है , ऐसे ही कुछ महान युवा मुझे भी दिखे जो अपनी भाषा में विदेशी पर्यटकों को कुछ बोलकर पानी में कूद कर दिखा रहे थे ये वही युवा है जिनकी वजह से देश आज पिछड़ा है खैर ये बाते ऐसे शक्श हर जगह होते है अब गलता जी मंदिर जयपुर कुंड में स्नान के बाद और ऊपर चढाई पर बने है सूर्य मंदिर और घाट के बालाजी मंदिर, जहाँ सूर्यास्त और सूर्योदय के समय पर्यटक जाते है मै नहीं जा पाया क्यूंकि गर्मी बढ़ गई थी दोपहर की शुरवात हो चुकी थी आप जाएँ तो शाम के समय जरुर सैर करके आयें .

गलता जी मंदिर के बंदर
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बंदरो के कारण इसे monkey temple भी कहा जाता है

पर्यटक अक्सर इस जगह को मंकी टेम्पल भी कहते है और कहते भी सही है मेरे सामने भी हजारो बन्दर थे इस मंदिर की दीवारों पर कुंड के आसपास लेकिन वो किसी पर्यटक को नुक्सान नहीं देते बस खाने का सामान न दिखे तो . खाने का कुछ सामन ले जाने पर कंधे पर बन्दर को बैठा कर खिलाते हुए की तस्वीर लेना यंहा आने का असल मकसद है कुछ पर्यटकों का जिसका इस जगह को धीरे धीरे लोकप्रिय बनाने में अहम् योगदान है .

टिकट्स और अन्य

गलता जी मंदिर जयपुर में प्रवेश पर कोई टिकेट नहीं है केवल 20 रुपए पार्किंग है जो की मन करे तो दो वरना अपनी जिम्मेवारी पर गाडी खडी करके जा सकते हो. अन्दर बने मंदिर में इच्छा अनुसार दान कर सकते हो पंडत थोडा बहुत लालच दे सकते है पर जबरदस्ती नहीं करते और यंहा बंदरो की संख्या ज्यादा है इस लिए केवल खाने पिने के सामन का ध्यान रखे .

गाइड के लिए मंदिर के बाहर यंहा स्थानीय लोग मिल जायेंगे जो की 50 रुपए में सैर करवाते है पूरी जानकारी के साथ

कैसे पहुंचे
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जयपुर घूमने का सर्वोत्तम विकल्प – टुकटुक

शहर से 10 किलोमीटर दूर बने इस गलता जी मंदिर में खुद के वाहन से जाना सरल है मैप की मदद से जबकि मेरी राय है की ऑटो से ही जाएँ अगर खुद का वाहन नहीं है तो जो की आने जाने के कुछ 100 रुपए लेते है .

गलता जी मंदिर के सौन्दर्य सराहना आजकल पर्यटकों और फिल्म निर्माताओ द्वारा खूब की जा रही है और सरकार द्वारा भी विकास कार्यो पर जोर दिया जा रहा है . आप भी जयपुर जाएँ तो यंहा के लिए कुछ समय निकाले .

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

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