menal

A day at Menal waterfall bhilwara : मेनाल झरना

Spread the love
Menal watefall bhilwara

A day at Menal waterfall bhilwara

राजस्थान भयंकर गर्मी में जल रहा है और मै लापरवाह घुम्मकड सड़क पे कार चलाए जा रहा हु | मै एक घुमक्कड़ किस्म का इंसान हूँ युही घूमता रहता हूँ और जब हफ्ते में कम से कम एक बार कही नै जगह घुमने को नहीं मिलता तो बोराया सा रहता हु| आज अवकाश है रविवार जो है , जब भी बोराहट होती है तो जो मिलता है उस से पूछता हु यंहा आसपास घुमने की कोई जगह है क्या ? आज भी वास्को दी गामा की भांति निकला हु किसी पर्यटक स्थल की खोज में , कुछ दूर सड़क पे चलते चलते एक मंदिर दिखाई दिया | लोगो की भीड़ और कोलाहल देख के मै रुक गया और पता किया तो मेनाल मंदिर इस जगह का नाम पता चला हालाँकि मै मंदिरों में कम ही जाता हु पर भीड़ देखके लगा के शायद कुछ खास है यहाँ जो इतनी गर्मी में भी लोग आ रहे है | मैंने एक दो बार सुना था की कोई बरसाती झरना है यहाँ, नाम मुझे menal waterfall याद था बाकी का मैंने मेनाल मंदिर के बाहर पनवाड़ी चलाने वाले महोदय से पूछ लिया और जवाब मिला यही है पानी भी गिर रहा है बरसात हुई थी परसों के दिन |

मेनाल राजस्थान के भीलवाडा जिले में लाडपुरा कसबे के पास पत्थर की खदानों के बीच बसा एक छोटा सा गाँव है यहाँ ये एक प्राक्रतिक झरना है Menal waterfall bhilwara जिसमे केवल बरसात के दिनों में ही पानी गिरता है असल में एक पुराना मंदिर है हूबहू खजुराहो मंदिर की तरह दिखता है |

A day at Menal waterfall in bhilwara

पुराने समय में इस जगह को महानाल मंदिर कहा जाता था यहाँ झरने के दोनों तरफ शिव मंदिर है जो की राजा सोमदेव और रानी सुहिया देवी ने बनाया था ये जगह गर्मियों में उनकी पसंदीदा जगह थी कुछ स्थानीय लोगो से बात करने पर पता चला के इस मंदिर को राजस्थान का मिनी खजुराहो मंदिर भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ भी खजुराहो की तरह दिवार पर मुर्तिया बनी है जो की कामसूत्र के कई आसनों को दर्शाती है

मेनाल झरना

वैसे तो यहाँ पुरे साल पर्यटक आते है पर घुमने का सबसे बढ़िया मौसम है बरसात का मौसम यानी अगस्त और सितम्बर महिना इस दौरान यहाँ काफी तेज झरना निचे की और गिरता है जो की लघभग 100 फूट की ऊंचाई से गिरता है झरने के दोनों तरफ शिव मंदिर बने है इस जगह की देखरेख पुरातत्व विभाग करता है|

आसपास के इलाके में बरसात होने के कारण पानी मेनाली नदी से होकर इस झरने से गिरता है

ये स्थान वैसे है तो छोटा पर महानल मंदिर और प्राकृतिक सौन्दर्य के कारण आसपास में काफी प्रसिद्ध है महानाल मंदिर की ज्यादातर मुर्तिया मुगलों द्वारा खंडित की हुई है|
16वी सदी में चित्तोड़गढ़ पर अकबर ने आक्रमण किया था तब इस रस्ते में आने वाले हर एक हिन्दू मंदिर की सभी मूर्तियों को खंडित किया गया था यह मंदिर भी उनमे से एक है

Menal waterfall Bhilwara कैसे पहुंचे

menal waterfall भीलवाडा जिले में लाडपुरा से 10 किलोमीटर दूर चित्तोड़गढ़ कोटा राजमार्ग पर मेनाल गाँव में पड़ता है , यहाँ ज्यादातर पर्यटक निजी वाहन से ही आते है उसके अलावा राजमार्ग के नजदीक होने के वजह से यंहा राजस्थान परिवहन की बसो का निरंतर आवागमन रहता है जो की बिजोलिया कोटा भीलवाडा से निरंतर चलती है |

Menal waterfall Bhilwara आसपास घुमने की जगह

इसके कुछ दुरी पर सेवेन फाल्स , जोगनिया मंदिर ,मेंद्की महादेव ,चित्तोडगढ़ किला ,बूंदी भी है

मेनाल झरने के पास एक मेनाल रिसोर्ट नामक ठहरने की जगह भी है जो की मध्यम खर्चे वाला विश्रामालय और भोजनालय है मेनाल रिसोर्ट के बारे में यंहा पढ़े

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.