Tanot Mata Mandir history in hindi

तो इसलिए Tanot Mata Mandir जाना जाना जरुरी है

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श्री Tanot Mata Mandir को यूँ तो बने 1200 साल हो गये पर तनोट माता  के चमत्कार उस समय चर्चा में आये जब 1965 में हुए भारत-पाक युद्ध के दौरान मंदिर पर बरसाए गये 450 गोलों में से एक भी नहीं फटा. अब कोई इक्का दुक्का बम ना फटे तो कह सकते है तुक्का था लेकिन जब सैंकड़ो बम ही न फटे तो वो वाकई में चमत्कार होता है . इस चमत्कार की कहानी बाद में पहले Tanot mata के बारे में कुछ जानकारी आपको दे दु.

Tanot Mata Mandir जैसलमेर

Tanot Mata Mandir history in hindi
मंदिर के बाहर पर्यटकों हेतु लिखा इतिहास

माड देश यानि के जैसलमेर में माता हिंगलाज के वरदान से मामडिया नाम के एक भगत को 7 संतान हुई उनमे से एक का नाम रखा गया भगवती श्री आवड देवी जो की बाद में tanot mata के नाम से प्रशिद्ध हुई . तनोट के अंतिम भाटी रजा तनु राव ने 847 ई. में  गाँव की नीव रखी और 30 साल बाद दुर्ग और Tanot mata mandir की नींव धरी.

Tanot Mata Mandir और 1965 का युद्ध

Tanot Mata Mandir army
मंदिर परिसर में बना शहीद स्मारक

लघभग 10 सितम्बर 1965 भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने Tanot से सटे सादेवाला पोस्ट के साथ साथ किशनगढ़ को भी अपने कब्जे में ले लिया था. तब 13 ग्रेनडीयार और B.S.F की टुकडिया अपनी अपनी पोस्ट बचाने के लिए दुश्मन से संघर्ष कर रही थी क्यूंकि वो नहीं चाहते थे की सादेवाला की तरह और पोस्ट पाक के कब्जे में जाए . दरअसल सादेवाला में बॉर्डर है जहाँ  से पाकिस्तान ने 1965 में पश्चिमी छोर पर पहला हमला किया था.

उसी दिन Tanot Mata Mandir के पास में भी B.S.F की एक टुकड़ी ने डेरा जमा रखा था तब ये मंदिर एक छोटा मंदिर था यानी के इतना विशाल नहीं के दूर से देखा जा सके, नियमानुसार उस दिन भी शाम को पुजारी ने मंदिर में दिया जलाया और आरती की शुरुवात की तभी अचानक एक तोप का गोला सांय सांय की आवाज के साथ  मंदिर परिसर में आकर गिरा और जैसा आया वैसा ही पड़ा रहा फटा नहीं .

sadewala post war history
सादेवाला चौकी को जाता मार्ग जहाँ से पाकिस्तान ने गोले बरसाए थे

जबतक कोई सतर्क हो पाता एक के बाद एक भारी बमबारी की शुरुवात हो चुकी थी और गोले पाकिस्तान की दिशा से आ रहे थे. इनमे से कुछ मंदिर परिसर में भी गिरे जो की एक भी नहीं फटे और BSF समझ गई की Tanot mata का चमत्कार रंग दिखने लगा है . उस शाम मंदिर के आसपास 3000 गोले दागे गये और मंदिर को खरोंच भी नहीं आई इनमे से 450 गोले परिसर में गिरे जो की फटे नहीं .

is the bombs in tanot are real
450 में कुछ गोले जो की पर्यटकों को दिखाने के लिए रखे है

बाद में  भारत ने अपने पोस्ट वापस जीत लिए और माता के इस चमत्कार से BSF और फ़ौज उनकी भगत हो गई . उन्होंने वहां एक पक्की पोस्ट बनवाई और मंदिर को भी बड़ा बनाया तथा नियमित माँ की आरती होने लगी वो भी फौजियों द्वारा.

Tanot mata aarti

bsf post in jaisalmer
अब मंदिर की देखरेख, सफाई पूजा पाठ सब bsf करती है

क्यूँ जाते है पर्यटक Tanot mata mandir

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जो तोप के गोले परिसर में गिरे थे और फटे नहीं उनमे से कुछ गोलों को मंदिर परिसर में पर्यटकों के देखने के लिए रखा है साथ में तस्वीरो का भी संग्रह है  जो की 65 और 71 की लड़ाई से जुडी हुई है, जिनसे आप अंदाजा लगा सकते है कैसे जवानो ने इस गर्म रेगिस्तान में विजय प्राप्त की थी. मंदिर में शाम को होने वाली  Tanot Mata aarti  जरुर सुने जो की BSF के स्टाफ द्वारा की जाती है .

Tanot mata mandir की कुछ अन्य जानकारी

Tanot जैसलमेर से 150 km. दूर भारत पाकिस्तान के बॉर्डर के बिलकुल करीब स्तिथ है और लघभग एक रिमोट इलाका जहाँ न नेटवर्क है न ही परिवहन साधन लेकिन माता के मंदिर और उस चमत्कार के सबूत देखने के लिए इन चीजो की परवाह किये बिना आप निजी साधन या कैब से जा सकते है जिसका किराया लघभग 2000 रुपए है . मंदिर के बाद आप लोंगेवाला प्रस्थान कर सकते है जन्हा युद्ध स्मारक बना हुआ है .

मंदिर जाने का सही समय –

अगर आप पर्यटक है और केवल पर्यटन हेतु जा रहे है तो अक्टूबर से फरबरी के बीच ही जाए इसके बाद के महीनो में तापमान 50 से ऊपर जा सकता है और अगर घुम्मकड़ है और ऑफ सीजन में ही जाना चाहते है तो शाम 4 बजे के बाद Tanot Mata Mandir और लोंगेवाला जा सकते है उस समय तापमान कुछ हद तक कम हो सकता है .

ठहरने की व्यवस्था

यंहा कोई होटल आपको तनोट में नहीं मिलेगा एक धर्मशाला  जरुर  मिलेगी जो की Tanot mata mandir के संगठण द्वारा संचालित है फिर भी  आपको अगर  बहुत बड़ी मज़बूरी में रुकना पड़ता है तो वंहा मौजूद फौजी आपकी हमेशा मदद करने को तैयार रहते है .

आशा करता हु आप इस स्थल को place to visit in jaisalmer की सूचि में शामिल करेंगे

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Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

5 thoughts on “तो इसलिए Tanot Mata Mandir जाना जाना जरुरी है

    […] तनोट माता मंदिर देखने के बाद जिस जगह मै जाने वाले था वो जगह इस 21वी सदी की शुरुवात से ही मेरे दिमाग में थी, जब मैंने j.p dutta की फिल्म बॉर्डर देखी थी जो की लोंगेवाला की लड़ाई पर आधारित थी. तनोट से एक सुनसान रास्ता रेगिस्तान के बीचो बीचो से होते हुए आपको Longewala War Memorial लेकर जाता है . […]

    […] 7. TANOT MATA MANDIR तनोट माता मंदिर – […]

    Sugan dodrai

    (July 18, 2018 - 7:27 pm)

    आपके द्वारा दी गई यहां पर जानकारी बहुत ही ज्ञानवर्धक है. आपने अपने इस ब्लॉग में भारत से जुड़ी बहुत सी रोचक रहस्य जानकारियां दी है जो मुझे बहुत ही पसंद आई

    Statustan

    (October 3, 2018 - 7:30 pm)

    You really have done a great job in describing the history of tanot mata mandir. Keep up the good work!

      rao ankit

      (October 3, 2018 - 11:16 pm)

      Thankuuu

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