ताज महल शिव मंदिर, ताज महल का रहस्य

ताजमहल एक मकबरा या शिव मंदिर ? Agra Travel blog

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ताज महल एक मकबरा नहीं बल्कि शिव मंदिर है ये बात पिछले 4-5 साल से सोशल मीडिया पर जो ग़दर मचा रही है उसे देख शाहजहाँ भी सोचते होंगे की क्यूँ हिन्दुस्तान में ये ताजमहल बनवाने की गलती कर दी और क्यूँ मुमताज को 14 बच्चे पैदा करने पर मजबूर किया, ना ही 14 बच्चे होते न मुमताज के गम में ये मकबरा बनवाना पड़ता. जीते जी तो मकबरे के वजह से औलाद ने कैद में रखा मरने के बाद इन दोगले लोगो ने बदनाम कर दिया.

दरअसल ये ताजमहल  के शिवमंदिर  होने की बात इन्टरनेट के युग से काफी पहले से कही जा रही थी सबसे पहले एक इतिहासकार p.n oak ने इस बात का दावा किया था यानि ताज महल का सच झूठा बताया था . फिर इसके बाद धीरे धीरे कई जगह ये दावा होने लगा की ताज महल मकबरा नहीं शिव मंदिर है. संसद भवन में भी आवाज गूंजी और अभी पिछले दिनों की बात है आगरा के 6 काबिल वकील इस मामले को कोर्ट तक ले गये.

वाटसप की बात करे तो वहां पर दिल्ली के लाल किले को हिन्दू ईमारत लालकोट और फतेहपुर सिकरी, हैदराबाद, तुगलकाबाद जैसे शहरो को प्राचीन हिन्दू शहर बताया जाता है. मतलब बात ये है की घर पर टाईमपास ना हो तो वाटसप खोल कर लिख दो की बुर्ज खलीफा जिस जगह बना है वहां मस्जिद थी , मंदिर था या गुरुद्वारा था और फैला दो ग्रुप में या facebook पे, फिर देखो शाम तक लाखो लोग गरमा गरम बहस करेंगे एक दूसरे के धर्म को गलत बोलेंगे. और जहाँ से ये बाते शुरू हुई वो शक्श किसी और इमारत को बदनाम करने की तैयारी कर रहा होता है.

मै अभी आगरा की यात्रा करके आया हु और दिन के 5 घंटे इस मोहब्बत की निशानी और दुनिया के सबसे सुंदर मकबरे का भ्रमण करके बिताये. ताज महल एक मकबरा या शिव मंदिर  के इस लेख में मै वही कहानी साझा करूंगा जो हम काफी समय से सुनते आ रहे है और सच भी वही है.

कुछ शब्दों में ताज महल का इतिहास

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बात सन 1607 की है अकबराबाद ( आगरा का पुराना नाम )  के मीना बाजार से मुग़ल शहजादे खुर्रम खान ( शाहजहाँ ) का शाही कारवां गुजरता है, शहजादे को देख सब रास्ते को खाली कर एक तरफ खड़े हो जाते है और इस भीड़ में शहजादे की नजर कांच और सिल्क का सामान खरीद रही एक लड़की पर पड़ती है जिसका नाम है अरजुमंद बानू बेगम ( मुमताज ). पहली नजर में ही शहजादे को उस खुबसूरत लड़की से मोहब्बत हो जाती है. शहजादा अकबराबाद पर राज कर रहे अपने पिता बादशाह जहाँगीर से अपने मन की बात साझा करते है की वो उस लड़की से निकाह करना चाहते है.

ठीक 5 साल बाद 1612 में उनका निकाह हो जाता है, वो खुर्रम की तीसरी बीवी बनी लेकिन सबसे पसंदीदा. 1628 में शाहजहाँ मुग़ल सल्तनत के पांचवे बादशाह बन जाते है और अरजुमंद को शाही मुहर सौंप देते है साथ में एलान करते है उन्हें आज से मुमताज महल नाम से जाना जाएगा. मुमताज ने निकाह के बाद 13 बच्चो को जन्म दिया लेकिन  14वे बच्चे को जन्म देते समय कमजोरी की वजह से उसकी  मौत हो जाती है. मरने से पहले मुमताज शाहजहाँ से वादा करवाती है की वो उनकी मोहब्बत को हमेशा जिन्दा रखेंगे और कभी शादी नहीं करेंगे और शाहजहाँ वो वादा पूरा करते है.

मुमताज के जाने के बाद मुग़ल दरबार 2 साल तक शोक शभा की तरह चला न कोई फैसले न किसी अन्य रियासत से लड़ाई झगडे, शाहजहाँ को मुमताज की मौत कमजोर बना देती है वो खुद को घंटो महल में बंद रखते और चिल्लाते रहते. कुछ समय बाद दरबारियों के समझाने पर शाहजहाँ सदमे से बाहर आये और उसी समय उन्होंने एक एसा मकबरा बनवाने की ठानी जो कभी पहले न बना हो और न ही बने. मशहूर आर्किटेक्ट उस्ताद अहमद लाहौरी ने उस मकबरे का डिजाइन तैयार किया और उसका काम  शुरू करवाया.

अगले 22 साल तक 22000 लोगो ने कड़ी मेहनत करके एक बेहद खुबसूरत इमारत को तैयार किया जिसे ताज महल नाम दिया गया. बुरहानपुर में दफनाई गई मुमताज की कब्र को इस मकबरे के तहखाने में स्थान्तरित किया गया. मकबरे को बनवाने के लिए बड़ी मात्रा में मकराना से संगमरमर आगरा आया था और ये आगरा की दूसरी इमारत थी जो संगमरमर से बनाई गई थी. 1966 में शाहजहाँ को भी मौत के बाद मुमताज की कब्र के पास दफनाया गया था.

इतिहास के साथ ताज महल की कुछ तस्वीरे ताज महल शिव मंदिर, मकबरा

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ताज महल की दोनों तरफ मेहमान खाना बने हुए है जो उस काल में मेहमान के विश्राम के लिए बनाये गये थे बाद में अंग्रेजो ने इनका इस्तेमाल मंच के रूप में किया था

ताज महल एंट्री

ताज महल शिवमंदिर

ताज महल एक मकबरा या शिव मंदिर ?

शाहजहाँ ने बाबर और अकबर की तरह खुद की आतमकथा नहीं लिखी उनके जो भी स्मरण लिखे गये वो सरकारी इतिहासकारों ने लिखे. उनके द्वारा लिखे गये दस्तवेजो से ही हमे उस काल की जानकारी मिलती है. शाहजहाँ ने जब ताज महल   बनवाया था उस समय भी हजारो सरकारी दस्तावेज तैयार किये गये थे वो थे अब्दुल लाहौरी , मोहम्मद वारिस के पादशाह नामे. इनसे शाहजहाँ के जीवन की जानकारी मिलती है और उनके द्वारा ताजमहल बनाने का सबूत भी. एक किताब ” tajmahal the illuminated tomb ” में  इन दस्तावेजो का संकलन किया गया है और उन्ही से हमें पता चलता है की मकबरा बनाते समय कितने ध्यान से दस्तावेज तैयार किये गये थे.

इन्ही तथ्यों से जानकारी मिलती है की जहाँ ताजमहल बनाया गया वो जगह अकबर ने मानसिंह को दी थी और और जब वहां वो खुबसूरत इमारत तैयार की जाने की योजना बनी तब मान सिंह के पोते जयपुर के राजा जय सिंह वो जमीन शाहजहाँ को मुफ्त में देना चाहते थे लेकिन शाहजहाँ  ने बदले में 4 हवेली जय सिंह को दी. उनके इस फरमान की एक सर्टिफाइड कॉपी आज भी सिटी पैलेस में रखी है . अगर कोई मंदिर होता तो जरुर कहीं न कहीं तो उसका जिक्र होता लेकिन किसी भी दस्तावेज में एसा कोई सबूत नहीं मिलता जिस से लगे ताजमहल की जगह पहले शिव मंदिर था जिसे तेजोमहालय कहा जाता था.

19-20वी सदी में कई इतिहासकारों ने ताजमहल  के बारे में लिखा कुछ ने तो ताजमहल की शैली से ही दावा किया की ये मंदिर है किसी ने कहा की तहखाने  को इसी लिए बंद रखा है की मंदिर स्तम्ब दिखते है और बाकी का काम वाटसप पर वाइरल सन्देश ने कर दिया जो दावा करते है ताज महल एक मकबरा नहीं शिव मंदिर है और ताजमहल की सच्चाई जो बताई जाती है वो झूठ है.

ताजमहल, मकबरा, शिव मंदिर ?

खैर अंत में यही कहूँगा की हमें इतिहास से जो सबूत मिलते है उनसे यही पता चलता है की ये एक मकबरा है जिसे मुग़ल सल्तनत के एक बादशाह ने अपनी बेगम से सच्ची मोहब्बत को जिन्दा रखने के लिए बनवाया था और इसी बात को मान लेना ही जायज है ना की सोशल मीडिया पर फैले बेतुके मेसेज को मानना जो दावा करते है की ताजमहल एक मकबरा नहीं शिव मंदिर है. जिन्हें ये फैसले लेने का हक़ है यानी के ARCHAEOLOGICAL SURVEY OF INDIA भी इस बात को ख़ारिज करती है की तेजोमहालय नाम की जगह ये ताज महल बना है .

लिखने में गलती हुई हो तो माफ़ करना इतिहास की तारीखे जरा कम याद रहती है .

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Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

3 thoughts on “ताजमहल एक मकबरा या शिव मंदिर ? Agra Travel blog

    […] इमारत है जो संगमरमर से बनाई गई थी और ताजमहल का डिजाईन इसी मकबरे से लिया गया है. इस […]

    Same day taj mahal tour from Delhi

    (August 27, 2018 - 12:10 pm)

    I have read your full post and I want to say that this is a very nice post. Thank you so much for sharing this fantastic post and wonderful experience with us keep posting.

    Usha

    (August 27, 2018 - 11:21 pm)

    Just ineffable,,,,,,, Always try to delve such content 👍👍👌

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