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ROYAL PUSHKAR CAMP’S: MY ULTIMATE PUSHKAR TRAVEL GUIDE IN HINDI

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” यार पुष्कर में भी टेंट होते है क्या रुकने के लिए ? ” मेरे दोस्त ने मुझसे पूछा जब हम पुष्कर-अजमेर जाने की योजना बना रहे थे , उसके इस सवाल के बाद हमने खोज शुरू की पुष्कर में कैम्पिंग की| खैर पुष्कर में रेगिस्तान नहीं है मगर कुछ होटल है जो टेंट में ठहरने की सुविधा देते है उनमे से एक कैम्पिंग पार्टी को हमने Booking.com पर खोज लिया, पार्टी का नाम था Royal pushkar camp’s जो की होटल ग्रीन हवेली की ब्रांच है|

साल 2018 के आखरी महीने की पहली तारीख को हम तीनो दोस्त पुष्कर पहुँच गये कुछ दिन भागदौड़ भरी जिन्दगी से दूर शांत माहौल में बीताने के लिए| इन दिनों में पुष्कर में काफी सर्दी होती है मगर टेंट में रुकने के उत्साह के सामने वो सर्दी कुछ भी नहीं, दिन भर पुष्कर के घाट घूमकर शाम को टेंट के बाहर बोन फायर के चारो तरफ इकट्ठे होकर पार्टी करना इस यात्रा को आजतक की सबसे बेहतरीन यात्राओ में से एक बना गये |

यूँ तो पुष्कर को सब तीर्थो में सबसे पवित्र माना जाता है मगर श्रधालुओ से अधिक पर्यटक कार्तिक माह में यहाँ आते है जब यहाँ विश्व प्रसिद्ध कैमल फेयर आयोजित किया जाता है, और पर्यटक केवल उस मेले में तस्वीरे लेकर चले जाते है वो और वो पुष्कर और उसके इतिहास को नजरअंदाज कर देते है |

आज के इस यात्रा चिट्ठे में मै आपको पुष्कर के इतिहास और पुष्कर में घुमने की जगह के बारे में बताऊंगा मगर उस से पहले Royal pushkar camp’s की कुछ बातें |

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royal pushkar camp का टेंट

My stay at Royal pushkar camp’s

अगर एक शब्द में Royal pushkar camp’s में हमारे ठहराव को बयाँ करू तो वो होगा आरामदायक, दरअसल पिछले हफ्ते भागदौड़ भरी जिन्दगी में हम कुछ इस तरह उलझे के तन और मन दोनों को आराम की जरूरत थी जो की शहर के बाहर पहाड़ो की तलहटी में बने इस कैंप में हमे मिला | हम यहाँ कुल तीन दिन रुके और इन तीन दिनों में हमने खाया, पीया और मन की मुराद पूरी की, बोनफायर और राहत अली फ़तेह के गाने के अलावा एक शाम अपनी जिन्दगी का सबसे हसीन सूर्यास्त देखा जिसकी तस्वीर नीचे साझा कर रहा हूँ |

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हमारा टेंट सबसे अंत में था एकांत में था एकदम एकांत, अभी इतनी सर्दी भी नहीं थी के रात में आसमान में कोहरा हो इसलिए मै अक्सर सबके सोने के बाद खुल्ले आसमान के नीचे अकेला बैठ तारो को देखता था जो हमे शहरो में देखने को नहीं मिलते और इस से एक अलग तरह का सुकून मिलता है जो हम शब्दों में बयाँ नहीं कर सकते|

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एक गर्म चाय का कप बांटते कुंवर हिम्मत सिंह हाडा

पुष्कर भ्रमण- MY ULTIMATE PUSHKAR TRAVEL GUIDE IN HINDI

तीर्थ गुरु के नाम से जाना जाने वाला पुष्कर शहर राजस्थान के अजमेर जिले से 15 किलोमीटर दूर नाग पहाड़ की तलहटी में बसा है और इसे शर्ष्टि के रचियता भगवान् ब्रह्मा की तपोस्थली माना जाता है| बताया जाता है की भगवान ब्रह्मा के अलावा वामदेव, भरथरी और अगस्त्य आदि ऋषि मुनियों ने भी पुष्कर में ही तपस्या की थी और उनकी गुफाए आज भी नाग पहाड़ में मौजूद है| अनादी काल में जो पुष्कर मेला आयोजित होता है उसके पीछे भी भगवान् ब्रह्मा का तप है, ब्रह्मा जी ने कार्तिक एकादशी से लेकर पूर्णिमा तक यग किया था और इन्ही दोनों तारिखो के बीच पुष्कर कैमल फेयर आयोजित होता है |

खैर ये तो था पुष्कर का छोटा सा इतिहास अब बात करते है पुष्कर में मौजूद भगवान् ब्रह्मा के एक मात्र मंदिर के बारे में, संवत 713 में संक्रचार्य ने ब्रह्मा जी की मूर्ति स्थापित की थी और एक छोटा सा मंदिर बनवाया था और बाद में 1809 में गोकल चंद पारेख ने वर्तमान भव्य मंदिर का निर्माण करवाया| पुरे विश्व में पुष्कर एक एसा शहर है जहाँ ब्रह्मा जी की पूजा होती है, कालान्तर में एक बार एक विशाल हवन का आयोजन हुआ जिसमे ब्रह्मा की पहली पत्नी सावित्री को शामिल नहीं होने दिया गया और इस अपमान से क्रोधित होकर सावित्री ने श्राप दिया था की केवल पुष्कर में ही ब्रह्मा की पूजा होगी और कहीं नहीं | ब्रह्मा के मंदिर के पीछे रतनागिरी पहाड़ पर सावित्री का भी मंदिर है जहाँ अगर आप जाना चाहे तो आसानी से पैदल जा सकते है|

पुष्कर में हमारे भ्रमण की शुरुवात हुई चीर घाट से जो की ब्रह्मा मंदिर के पास बनी पुष्कर झील के 52 घाट में से एक है, इन सब घाट में कुछ घाट भारत के कुछ मशहूर शाही घरानों ने भी बनवाये है जिनका नाम है जयपुर घाट, कोटा घाट, भरतपुर घाट और ग्वालियर घाट | चीर घाट के पास हमे कुछ नशेडी किस्म के लोग मिले जो की दिखने और बोलने में रूस के लग रहे थे और यहाँ इस किस्म के लोग अक्सर मिल जाते है क्यूंकि धार्मिक नगरी होने से हटके पुष्कर चरस और कुछ अन्य नशीले पदार्थो का सेवन करने वालो का गढ़ माना जाता है| यहाँ आसानी से ये सब मिल जाता है इसलिए अगर आप पुष्कर जाते है तो सावधानी से घाट पर घुमे ऐसे लोग भीख मांगते नजर आ जाते है खैर वो लूट पात तो नहीं करते मगर अपनी भोली बातो में फसाकर आपसे रुपए पैसे एंठ सकते है|

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चीर घाट
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वराह घाट के आसपास
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पिंड दान , जयपुर घाट

चीर घाट से कुछ कदम की दूरी पर वराह घाट है जो की पुष्कर का सबसे मशहूर और विशाल घाट है जहाँ हर शाम सूर्यास्त के समय भगवान ब्रह्मा की आरती होती है और श्रधा के मकसद से जाने वाले यात्रियों के लिए ये आरती सुने बिना लौट आना यात्रा का अधुरा रह जाना माना जाता है | पुष्कर की पवित्र झील के इतिहास के बारे में बताऊ तो उसकी उत्पत्ति के पीछे एक मान्यता है की एक बार ब्रह्मा पुष्कर के ऊपर से गुजर रहे थे और उनके हाथ में कमल का फूल था, गलती से फूल जमीन पर गिर गया और उसके गिरते ही जल धारा प्रवाहित होने लगी और कुछ समय में एक विशाल झील बन गई |

पुष्कर के इतिहास की अगर सही जानकारी चाहते है तो वो केवल वहां मौजूद पंडितो से मिल सकती है आप चाहे तो पंडित जी को कुछ दान देकर पुष्कर की कहानी सुनकरऔर झील के पवित्र पानी में स्नान कर पाप धो सकते है | पहले दिन हमने पुष्कर के सभी घाट देखे और जो बचे उन्हें यात्रा के अंतिम दिन हमने देखा और फिर प्रस्थान किया पुष्कर के बाजार और मेला मैदान की और जहाँ हल्का सा रेगिस्तान है और ऊंट की सवारी करवाई जाती है |

भगवान् ब्रह्मा के मंदिर से 1 किलोमीटर दूर मेला मैदान है जहाँ ऊंट की सवारी और कुछ अन्य रोमांचक गतिविधिया कर सकते है, इस जगह के पास में ही ब्रह्मा ने कार्तिक एकादशी से पूर्णिमा तक यग किया था और नवम्बर माह में यहीं ऊंट का मेला लगता है जिसे विश्वभर के तस्वीरबाज अपने कैमरा में कैद करने आते है | अभी मेला खत्म हो चूका था इसलिए यहाँ कुछ ख़ास नहीं मिला तो हम वापस कैंप लौट गये ताकि आखरी दिन वहां मौजूद गुरूद्वारे में लंगर चख सके|

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पुष्कर की गलिया
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कैमल सफारी

अंत में यही कहूँगा के पुष्कर धार्मिक भाव से आयें न की अन्य पर्यटन स्थलों की तरह नशे और हुडदंग करके लुत्फ़ उठाने, धर्म और आस्था की नगरी पुष्कर देखने के बाद हम चल पड़े अगले दिन अजमेर जिसकी यात्रा के बारे में अगले ब्लॉग में लिखूंगा अब कुछ अन्य जानकारी पुष्कर की |

पुष्कर की कुछ अन्य जानकारी

  1. पुष्कर में शराब पर पूर्णतय प्रतिबंध है अत साथ में ना ले जाए और न ही पीये हुए जाएँ |
  2. पुष्कर में प्रवेश से पहले 100 रुपए टैक्स देना पड़ता है जिसे पुष्कर नगरपालिका लेती है |
  3. हर रोज वराह घाट पर विशाल आरती होती है|
  4. पुष्कर मंदिर के इलाके में गलिया तंग है अत: चार पहिया झील के पहले ही पार्क कर दे अंदर न ले जाएँ |
  5. अगर सूर्यास्त अच्छे से देखना है तो झील किनारे जयपुर घाट सर्वोत्तम जगह है |
  6. घाट पर कुछ नकली पंडित भी है जिनसे बचे और स्थानीय लोगो से जानकारी लेकर ही सही शक्ष से पूजा संपन करवाए|
  7. शहर की गलियों में अक्सर नशेडी लोग देर रात घूमते है जिनसे सावधान रहे |
  8. पुष्कर में गनेरा नाम की जगह पर कुछ रेतीले धोरे है जहाँ मौजूद कैंप में डेजर्ट सफारी का आनदं ले सकते है |

घूमने का सर्वोत्तम समय – नवम्बर से मार्च तक का मौसम यहाँ घूमने का सबसे बढ़िया समय है और कार्तिक पूजा भी नवम्बर में ही होती है बाकी श्रद्धालु साल भर आते है |

घूमने लायक जगह – ब्रह्मा मंदिर, वराह मंदिर, सावित्री देवी मंदिर, रंगजी मंदिर, गनेरा धोरा ( डेजर्ट ) |

कैसे पहुंचे पुष्कर – पुष्कर अजमेर शहर से 15 किलोमीटर दूर है और अजमेर से हर समय बस और कैब यहाँ के लिए मिल जाती है, पुष्कर से सरकारी परिवहन की कई बस आसपास के बड़े शहरो में भी जाती है| रेल मार्ग पुष्कर में अभी कुछ साल पहले बना है और केवल एक ट्रेन हम घूमने गये उस समय तक अहमदाबाद लाइन पर चलती है, किसी भी बड़े शहर से अजमेर होकर पुष्कर आसानी से जा सकते है |

मेरे हिसाब से मुझे यही कुछ जानकारी है जो आपके पुष्कर भ्रमण के दौरान काम आएंगी, बाकी एक बार जिन्दगी में जरुर धर्म और आस्था की नगरी तीर्थराज पुष्कर में जाएँ मेरा वादा है यहाँ जो सुकून मिलेगा वो शायद ही कहीं और आपको मिले |

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इन्टरनेट पर कई वेबसाइट है जो की पुष्कर में कैम्पिंग कराने वाले आयोजको से आपको रूबरू कराती है आप उनपर जाकर आसानी से कैंप ढूंढ सकते है, उनमे से कुछ साईट है

  1. trivago.com
  2. booking.com
  3. go ibibo
  4. make my trip
  5. yaatra.com

हमने जब book किया था उस समय Royal pushkar camp’s ही सबसे सस्ता और उत्तम लगा आप चाहे तो सीधा इसी कैंप को book कर सकते है मेरे अनुभव के अनुसार ये जगह काफी अच्छी और बजट फ्रेंडली है बाकी समय के साथ कैंप सस्ते महंगे होते रहते है आप अपने हिसाब से खोज करे|

:- एक और महतवपूर्ण बात जो की सस्ता कैंप book करने में काम आयेगी वो ये है की हमेशा होटल को अपने ब्राउज़र के incognito mode में ही खोजे और जाने के कम से कम 3 दिन पहले book कर ले |

Royal pushkar camp’s का पता

वामदेव रोड, गुरुद्वारे के नजदीक

305022, पुष्कर

फ़ोन 9799347220

नीचे आसानी के लिए मैप है

पिछला ब्लॉग – खारी बावली दिल्ली , my year 2018

कोई और जानकारी लेनी हो तो कमेंट कर सकते है |

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

1 thought on “ROYAL PUSHKAR CAMP’S: MY ULTIMATE PUSHKAR TRAVEL GUIDE IN HINDI

    Usha

    (January 16, 2019 - 3:14 pm)

    This is flabbergasted!!! You shared such an amazing journey and pics are just 🔥

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