GWALIOR, FORT

GWALIOR FORT – PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT

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Gwalior fort दुनिया के सबसे प्राचीन किलो में से एक है, इतिहासकारो की माने तो इस किले की नीवं तीसरी सदी में सूरज सेन ने रखी थी लेकिन इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं है की ये किला बनाया कब गया था. इतिहास में पहली बार इस किले का जिक्र ग्यारहवी सदी की किताबो में हुआ था उस समय यंहा रजा महिपाल का राज था जो की इसके काफी पुराना किला होने का सबूत है. Gwalior fort का नाम संत ग्वालिपा के नाम पर रखा गया है और ये किला ग्वालियर शहर के गोपंचल पर्वत पर बना है .

ये किला भी पहाड़ी पर बना है लेकिन अन्य पहाड़ी किलो की तरह ये Unesco की वर्ल्ड हेरिटेज की सूचि में नहीं आता. किले को बनाने के लिए लाल बलुवा पत्थर और चुने का इस्तेमाल किया गया है.

Gwalior fort की मेरी यात्रा

PLACES TO VISIT, GWALIOR FORT
किले की पहली झलक

ग्वालियर आने से पहले मैंने सिर्फ Gwalior fort देखने की योजना बनाई थी लेकिन गूगल मैप के चक्कर में गलत रास्ते जाकर मैंने पहले गुजरी महल देखा फिर उरवाई गेट होते हुए सास बहू मंदिर और फिर फैसला किया किले में जाने का. जुलाई का महिना यंहा गर्म रहता है इन दो जगहों पर घुमने के बाद जब मै किले के मुख्य दरवाजे पर पहुंचा तो तापमान 45 डिग्री था लेकिन घुमक्कड़ी के आगे इन सबका जोर नहीं चलता है इस से ज्यादा तापमान में मैंने जैसलमेर का किला देखा था .

खैर उरवाई गेट से जब हम पतली सी खड़ी चढाई वाली सड़क से Gwalior fort तक आते है तो रास्ते में आने वाली जैन देवताओ की विशाल मुर्तिया आपको इसके इतिहास की झलक दिखाती है की यंहा कई राजवंशो ने राज किया है हिन्दू मुसलमान यंहा तक की ब्रिटिश भी. मेरा विचार था के प्रशिद्ध गाइड कालू के साथ किले की सैर करू  लेकिन कालू के व्यस्त होने के कारण अन्य गाइड लेने की बजाय मैंने पैदल अकेले ही किले की और कदम बढ़ा लिए . अगले दो घंटे तक मैंने ग्वालियर किले का चप्पा चप्पा देखा यंहा के इतिहास से रूबरू हुआ गुज्जरों से लेकर तोमर राजाओ और तोमरो से लेकर मराठाओ के इतिहास को बयाँ करते इन खंडहर महलों को देखा.

ग्वालियर किला और उसपे राज करने वाले राजा

GWALIOR, FORT, WALL

अब आगे मुख्य बात PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT के बारे में लिखने से पहले थोडा सा इसका इतिहास बता दू. किले के बनने के कोई ठोस सबूत नहीं है की कब बनाया गया था इतिहासकारो की माने तो तीसरी सदी में जब संत ग्वालिपा ने यंहा सूरज सेन को पवित्र कुंड का पानी वरदान में दिया तो उन्होंने बदले में उनके नाम पर ये किला बनवाया बाद में उनकी 83 पीढियों ने यंहा राज किया और उनके आखरी राजा रहे तेज करण जो की हुना वंश से किले को हार गये अगली तीन सदी तक हुना वंश ने राज किया फिर 9वी सदी में गुज्जर प्रतिहारो ने उनसे ये किला जीत लिया.

इसके बाद ठोस सबूत मिलते है कच्पघात वंश के जिनका जिक्र पुराणी किताबो में है, इसके अनुसार गुज्जरों से कच्पघात वंश ने किला जीता था. उनसे धोखा करके प्रतिहार चंदेलाओ ने यंहा राज किया और फिर शुरू होता है मुस्लिम घुसपेठियो का दौर सबसे पहले मोहम्मद गजनी ने यंहा आक्रमण किया फिर क़ुतुब अलदीन ऐबक ने किले पर आक्रमण कर इसे जीता उसके बाद इल्तुतमिश ने इस किले को जीता फिर मुग़ल सम्राट बाबर ने इल्तुतमिश से किले को जीता उसके बाद यंहा तोमर राजवंश ने राज किया जिनके राजा मान सिंह तोमर सबसे शक्तिशाली राजा रहे.

PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT
किल्ले के भीतर एक महल या हमाम

उनके राज में कई धरोहरे बनी लेकिन तोमर राजा मान सिंह इब्राहीम लोधी से हार गये और किला लोधी वंश ने जीत लिया. इब्राहीम लोधी जीत का जश्न भी अच्छे से नहीं मना पाये होंगे की किला अकबर ने जीत लिया उन्होंने यंहा जेल बनवाई जिसमे शाही बंदियों को रखा जाता था जो मुग़ल सल्तनत के खिलाफ दगा करते थे. कई साल मुगलों के राज बाद सिंधिया मराठो ने किला मुगलों से जीता और यंहा राज किया. 17वी सदी के बाद ‘ GWALIOR FORT ‘ कभी अंग्रेजो के हाथ में तो कभी सिंधिया वंश के हाथ में जाता रहा और अंत में वीरान रह गया.

ये था इसका इतिहास अब बात PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT की जो की यंहा किले में देखने लायक जगह है .

PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT

1.मान सिंह महल और मान मंदिर 

मान मंदिर, ग्वालियर
मान महल के अंदर
फांसी घर, मान मंदिर
मान सिंह महल के निचले ताल में बना फांसी घर

हिन्दू स्थापत्य कला का उदाहरण ये महल 1508 में राजा मान सिंह तोमर ने बनवाया था. इस महल में कुल 4 तल है जिनमे दो तल भूमिगत है. निचले तल में कई कक्ष , खुला प्रांगन, केसर कुंड और फांसी घर है , महल की दीवारे कई तरह की कलाकृतियों से सुस्सजित है . जब सोलहवी सदी में मुगलों ने यंहा कब्ज़ा किया तो इस महल को शाही जेल बनवा दिया था . जब आप GWALIOR FORT में प्रवेश करते है तो यही महल सबसे पहले आता है.

2.करण महल 

PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT, करण सिंह महल
करण सिंह महल

करण महल का निर्माण तोमर वंश के दुसरे राजा कीर्ति सिंह ने 15 वी सदी में करवाया था. कीर्ति सिंह का दूसरा नाम करण भी था इसलिए महल का नाम करण महल रखा गया. इस महल में दो मंजिल एवं आयताकार है, आयताकार महल के मध्य में है जंहा माना जाता है राजा दरबार लगाया करते थे इसके पास में हमाम खाना और ऊपर जाने का जीना है. ये महल मान मंदिर के बाद आता है

3. विक्रम महल 

विक्रम महल, ग्वालियर का किल्ला

इस महल का निर्माण मानसिंह के उत्तराधिकारी विक्रमादित्य ने करवाया था , अगर स्थापत्य की नजर से देखा जाए तो ये एक शाही इमारत है. महल के मध्य में एक बरदारी है और दोनों और एक एक कक्ष है और ये महल लघभग 65 मीटर लम्बा है. GWALIOR FORT में प्रवेश के बाद कारण महल के सामने ये महल बना है.

4. ग्वालियर का जौहर कुंड

JAUHAR KUND IN GWALIOR,

JAUHAR GWALIOR FORT
जहाँगीर महल के सामने बना जौहर कुंड

सन 1232 में इल्तुतमिश ने ग्वालियर पर आक्रमण किया था उस समय शाही परिवार ने अपनी हारती हुई सेना को देखकर आत्मदाह करने का फैसला किया था और वो इसी जगज जलती आग में कूद गई थी. मेवाड़ के बाद ये जौहर देश का दूसरा जौहर माना जाता है. बाद में इसी कुंड का पानी GWALIOR FORT में बने जहाँगीर महल में जाता था.

5. जाट राजा भीम सिंह राणा की छतरी 

भीम सिंह, राणा छतरी

गोहद के राजा भीम सिंह राणा ने मुगलों से GWALIOR FORT को 18वी सदी में 1754 में जीता था, 1756 में मराठो के साथ युद्ध में भीम सिंह की म्रत्यु हो गई थी और बाद में उनकी ये छतरी बलुआ पत्थर से जौहर कुंड के निकट बनाई गई थी.

6. सास बहू मंदिर 

Saas bahu temple gwalior
छोटा मंदिर जो की भगवान् शिव को समर्पित है ( बहू मंदिर )

सास बहू मंदिर राजा महिपाल ने 11वी सदी में अपनी माँ और पत्नी के लिए बनवाए थे, पर्यटन के लिहाज से ये मंदिर देखने जरुर जाना चाइये ये मुर्तिकला और नक्काशी के बेहतरीन उदाहरण है.

7. गूजरी महल 

Gujari Mahal Gwalior History in hindi

रजा मान सिंह तोमर के प्रेम का गवाह ये महल उन्होंने अपनी गुज्जर रानी मर्गनयनी के लिए बनवाया था आज ये पुरातत्व विभाग का म्यूजियम है इसमें प्राचीन मुर्तिया और हथियार रखे है .

ये कुछ मुख्य जगह थी जो PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT  की सूचि में आती है इसके  अलावा तेली मंदिर , सूरज कुंड भी दो जगह है जो किले के पास पड़ती है अगर समय हो तो उनका भी दौरा करे.

GWALIOR FORT कैसे पहुंचे

ग्वालियर का किला शहर के बीच एक ऊँचे पठार पर बना है यंहा तक जाने के 2 मार्ग एक ग्वालियर  गेट और दूसरा उरवाई गेट . इनमे से पैदल जाने के लिए ग्वालियर गेट और वाहन से जाने के लिए उरवाई गेट का इस्तेमाल होता है . ग्वालियर रेल मार्ग द्वारा आगरा, दिल्ली, कोटा, जयपुर, अहमदाबाद जैसे शहरो से जुड़ा है और सड़क मार्ग से झाँसी , कोटा, आगरा, दिल्ली से निरंतर बस सुविधा उपलब्ध है.

PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT
करण सिंह महल के गुम्बंद

GWALIOR FORT देखने के लिए मेरी राय है  अक्टूबर से मार्च के महीने में जाए और अगर घुम्म्कड़ी शौख से करते है बजट होटल की आस रखते है तो मार्च से अगस्त के बीच जाएँ.

HOTELS IN GWALIOR

DEVBAAG BY NEEMRANA HOTELS ( शाही हेरिटेज होटल )

HOTEL SHELTER ( मध्यम बजट होटल )

HOTEL REGAL ( बजट होटल )

अगर PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT का ये लेख अच्छा लगा हो या कोई जानकारी रह गई हो तो कमेंट करे .

 

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

1 thought on “GWALIOR FORT – PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT

    […] ग्वालियर शहर इन्ही एतिहासिक धरोहर के कारण लोगो में प्रचलित है यंहा भारतीय और इस्लामिक शैली में बनी कई प्राचीन इमारते है. मोहम्मद गौस और तानसेन का मकबरा दोनों एक ही जगह पर है, इसका कारण है मरते समय उनकी   की आखरी इच्छा थी की उनको वहीँ दफनाया जाए जहां उनके गुरु दफ़न है. […]

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