एतमादुद्दौला का मकबरा, itmad ud daula

Tomb of Itmad-ud-daula – Draft of the Taj mahal

Itmad-ud-daula का मतलब है खजाने की रक्षा करने वाला और ये उपाधि  बादशाह जहाँगीर ने अपने ससुर यानी मिर्ज़ा घियास बेग को दी थी, जिनकी कब्र इस खुबसूरत मकबरे में है. मैंने आगरा आने के बाद जब लोगो से घूमने की जगह के बारे में पुछा तो पता चला की ये मकबरा पहली मुग़ल इमारत है […]

jai vilas palace

Jai vilas palace Gwalior : Grandeur of scindia’s

ग्वालियर के मुख्य पर्यटक स्थलों में से एक Jai vilas palace gwalior को 1874 में महाराजा जयाजी राव सिंधिया ने बनवाया था और एसा माना जाता है उस समय इस महल को बनाने में 1 करोड़ रुपए लगे थे. महल का डिजाईन सर माइकल फिलोस ने तैयार किया था, जो की उस समय मशहूर आर्किटेक्ट […]

rani laksmi bai

झाँसी की रानी की समाधि ग्वालियर

तानसेन का मकबरा देखने के बाद मेरी योजना थी जय विलास जाने की, क्यूंकि शाम हो चुकी थी और आगरा निकलना था लेकिन शायद किस्मत में झाँसी की रानी की समाधि पर जाना लिखा था. हुआ यूँ के जो रास्ता मकबरे से जय विलास को जाता है उसी रस्ते पर झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का […]

TANSEN, TOMB, GWALIOR

मोहम्मद गौस और तानसेन का मकबरा ग्वालियर

ग्वालियर में स्तिथ तानसेन का मकबरा ही वो जगह है जहाँ अकबर के दरबार के नवरत्नों में से एक मियाँ तानसेन 400 साल से आराम कर रहे है, यानि के यंहा दफ़न है. अकबरनामा के मुताबिक सन 1562 से 1586 तक तानसेन उनके दरबार में संगीतकार थे और ये समय मुग़ल इतिहास का सबसे स्वर्णिम […]

GWALIOR, FORT

GWALIOR FORT – PLACES TO VISIT IN GWALIOR FORT

Gwalior fort दुनिया के सबसे प्राचीन किलो में से एक है, इतिहासकारो की माने तो इस किले की नीवं तीसरी सदी में सूरज सेन ने रखी थी लेकिन इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं है की ये किला बनाया कब गया था. इतिहास में पहली बार इस किले का जिक्र ग्यारहवी सदी की किताबो […]

सास, bahu, मंदिर, ग्वालियर

A TRAVELOGUE TO SAS BAHU TEMPLE GWALIOR IN HINDI

ग्वालियर किले के नजदीक बने Saas bahu temple gwalior को सहस्त्राबहू  मंदिर और हरिसद्नम मंदिर के नाम भी जाना जाता है. इन्हें लघभग एक हजार साल पहले ग्यारहवी सदी में राजा महिपाल द्वारा बनाया गया था. यंहा दो मंदिर बने है जिनमे से एक विष्णु के पद्मनाबा अवतार और शिव को समर्पित है. आज के दिन […]

Gujari Mahal Gwalior History in hindi

Gujari Mahal Gwalior : History in hindi

एक पत्थर दिल से तराशा जाए, थिरक उठे अंग परतिमा के बन्धु पूजा अर्चन से पहले मधुकर उस, फनकार शिल्पी को नवाजा जाए … Gujari mahal Gwalior को भले ही सन 1922 के बाद केन्द्रीय पुरातत्व संग्राहलय के नाम से जाना जाता है लेकिन उसके इतिहास में एक अमर प्रेम कहानी है. एक अति सुंदर […]