Bundi Hindi Travel Guide, बूंदी में घुमने लायक जगह

Bundi Hindi Travel Guide| बूंदी में घुमने लायक जगह

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राजपूताने के दक्षिण में बसा Bundi कला और इतिहास के मामले में एक प्रतिष्ठित नगर है, एक प्राचीन नगर जिसे कभी वृन्दावती के नाम से भी जाना जाता था| बूंदी हाडा राजपूतो की राजधानी थी इसलिए यंहा कई एतिहासिक युद्ध भी हुए है, यंहा की पहाड़िया दूर से ही मीणाओ के पतन और राजपूतो के स्थापित होने की कहानिया बयाँ करती है| Bundi शहर महल, किलों और जलाशयों के मामले में किसी अन्य राजस्थानी शहर से कम नहीं है लेकिन फिर भी पर्यटक इस शहर को नजर अंदाज कर देते है और पर्यटन विभाग भी यंहा की धरोहरों का प्रचार करने में कम रूचि रखता है| Bundi Hindi Travel Guide के इस लेख में मै मेरे अनुभव के आधार पर बूंदी में घुमने लायक जगह बताऊंगा|

मै अभी कुछ दिन पहले जुलाई के महीने में बूंदी गया था, बारिश का मौसम था गर्मी कम थी इसलिए ज्यादातर जगहों पर मै पैदल ही गया था मैंने अपनी यात्रा की शुरुवात नवल सागर से की और खत्म किया 84 खम्बो की छतरी पर| वैसे अप्रैल से सितम्बर तक का समय बूंदी घुमने के लिए सही नहीं है क्यूंकि इन दिनों में सुबह और शाम को छोड़ दे तो बाकी दिन भर गर्मी तेज होती है|

बूंदी में घुमने लायक जगह, kipling palace
सुख महल ( kipling palace )

Top Places to visit in Bundi- बूंदी में घूमने लायक जगह

तो अभी मै जिन बूंदी में घुमने लायक जगह के बारे में बताने जा रहा हु वो मेरा खुद का अनुभव है मैंने किसी गाइड या अन्य दोस्त की सलाह नहीं ली थी इसलिए हो सकता है कोई जगह छूट गई हो| अगर आपको ऐसी कोई जगह पता हो तो कमेंट करके बताये ताकि अगली बार जब बूंदी जाऊं तो वहां घूम के आ सकू| अब आगे बूंदी में घुमने लायक जगह विस्तार से ..

बूंदी का किला ( तारागढ़ फोर्ट )

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तारागढ़ दुर्ग मुख्य प्रांगन का द्रश्य

बूंदी का तारागढ़ किला ही वो धरोहर है जिसकी वजह से ज्यादातर पर्यटक बूंदी आते है, 1354 में इसका निर्माण शुरू हुआ था| किला एक पहाड़ी पर बना है और निचे से देखने पर एक तारे जैसा दिखाई देता है इसलिए इसका नाम तारागढ़ पड़ा था . बूंदी के किले पर मैंने एक पूरा लेख लिखा है जिसे आप यंहा पढ़ सकते है ( तारागढ़ फोर्ट बूंदी ) |

टिकेट – 100 रुपए

समय – सुबह 10 से शाम 5 बजे

सुख महल

Bundi Hindi Travel Guide, सुख महल बूंदी
सुख महल

सुख महल का निर्माण बूंदी के राजा विष्णु सिंह ने अपने दीवान सुखराम की देख रेख में 1776 में करवाया था और उसी दीवान के नाम पर इस महल का नाम सुख महल पड़ा था| 19वी सदी के मशहूर लेखक रुडयार्ड किपलिंग ने दो दिन इसी महल में रह कर बूंदी का इतिहास और उसकी बूंदी की खूबसूरती का वर्णन अपनी किताब ‘ किम ‘ में किया था|

टिकेट – 75 ( इसी एक टिकेट से रानी जी की बावड़ी, 84 खम्बो की छतरी भी देख सकते है )

समय – सुबह 10 से शाम 5 बजे

रानी जी की बावड़ी

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रानी जी की बावड़ी

ये बावड़ी बूंदी शहर के दक्षिण में स्तिथ है और इसका निर्माण राव अनिरुद्ध सिंह की पत्नी ने 1757 में करवाया था| 100 सीढियों वाली इस बावड़ी में 20 सीधी उतरने के बाद एक मंडप आता है जहाँ तीन द्वार और एक तौरण है, बूंदी में ये जगह राजपूती शैली का सबसे नायब उदाहरण है|

समय – सुबह 10 से शाम 5 बजे

84 खम्बो की छतरी

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स्थापत्य और तक्षण कला के अनूठे नमूने इस विशाल 84 खम्बो से निर्मित छतरी का निर्माण राव अनिरुद्ध सिंह ने 1683 में करवाया था| छतरी के घुम्बाद के भीतरी हिस्सों में संगीतकार, अपसराओ और हाथियों के युद्ध के मनमोहक चित्र बनाये गये है , छतरी के बीच में एक शिवलिंग बना हुआ है|

समय – सुबह 9:45 से शाम 5 बजे

नवल सागर

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गढ़ पैलेस तीर्थ

बूंदी में सूर्यास्त देखने के लिए नवल सागर से सर्वोत्तम कोई और जगह नहीं है, ये मानव निर्मित झील बूंदी के सबसे पुराने हिस्से यानी के बूंदी तीर्थ में है| किसी जमाने में ये झील शहर में पानी का मुख्य स्त्रोत होती थी लेकिन अब ये पर्यटकों के भ्रमण हेतु केवल एक झील है| झील के बीच में वरुण देव का मंदिर है जहाँ तक नाव से श्रद्धालु जाते है , बूंदी तीर्थ उन लोगो के लिए एक वरदान है जिन्हें पुराने घर और हवेलिय देखने का शौख है| यंहा जिन लोगो के घर है उनमे से ज्यादातर लोगो के पुर्वज बूंदी की सेना में काम करते थे या उनके दरबार में काम करते थे |

ये थी बूंदी में घुमने लायक जगह जो मैंने वीकेंड के दौरान एक दिन में देखी, अगर आप भी बूंदी के आसपास है तो एक दिन निकाल कर इन धरोहरों को देखने जाए|

कैसे पहुंचे बूंदी

बूंदी रेलमार्ग द्वारा कोटा और चित्तोड़ से जुड़ा हुआ है , रेल सेवा यंहा इतनी अच्छी नहीं है इसलिए सबसे बढ़िया विकल्प बस या निजी वाहन है | बूंदी तक जयपुर और कोटा से बस निरंतर अंतराल पर चलती है ये शहर जयपुर-कोटा राजमार्ग पर पड़ता है इसलिए निजी वाहन से आसानी से आ सकते है|

बूंदी में घुमने लायक जगह के बारे में एक अन्य लेख – Places to visit in Bundi

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

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