चित्तौडगढ़ दुर्ग | places to visit in chittaurgarh

Spread the love

चितौडगढ दुर्ग

चितौडगढ़ दुर्ग, places to visit in chittaurgarh

राजस्थान राजाओ का स्थान माना जाता है यानि राजस्थान की पहचान यहाँ के राजाओ उनकी वीरता उनकी शान उनकी रियासत से होती है उनमे से एक रियासत थी मेवाड़ ... जी हा ये न मुगलों के सामने झुके न अफगानों के सामने न अकबर न बाबर और न ही अलाउद्दीन खिलजी

मेवाड़ का किला यानि के चित्तौडगढ़ दुर्ग भारत के सबसे विशाल दुर्ग में से एक है और जितने एतिहासिक युद्ध यहाँ हुए है शायद ही कही हुए हो |

अपनी यात्रा के दौरान मुझे मौका मिला चित्तौडगढ़ दुर्ग घुमने का चित्तौडगढ़ भीलवाडा से कुछ किलोमीटर दूर दक्षिण में है |

ऐसा कहा जाता है की इस विशाल चित्तौगढ़ दुर्ग को महाभारत के समय में भीम ने एक रात में बना दिया था अब ये सच है या नहीं ये तो शायद वो ही जाने पर जिस से पूछोगे उसकी जुबान पर यही बात है शायद सत्य हो |

चित्तौगढ़ दुर्ग में प्रवेश करने के लिए जो पहला द्वार आता है उसका नाम है पाडन पोल इसका नाम पाडन पोल इसलिए पड़ा क्युकी एक बार दुर्ग में इतनी ब्यानक लड़ाई हुई की खून में नदी बहने लगी और उसमे एक पाडा ( भैंस का बच्चा ) बहके इस जगह तक आ गया इस लिए इसका नाम पाडन पोल पड़ा |

इस द्वार से आगे चलने पर अत है बाघ सिंह का स्मारक , बाघ सिंह ने गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह के सामने मेवाड़ राज्य चिह्न धारण करके विक्रमादित्य का प्रतिनिधित्व किया था और उस युद्ध में वो इसी जगह पर वीरगति को प्राप्त हुए थे |

इसके बाद आता है भैरो पोल जो की दूसरा दरवाजा है और फिर हनुमान पोल , गणेश पोल,जोडला पोल,लक्ष्मण पोल, राम पोल | राम पोल से परवेश करने पर सामने है पत्ता का स्मारक – पत्ता अकबर के साथ युद्ध में लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे पत्ता आमेर के रावतो के वंशज थे |

इस स्मारक के बाद आती है लखोटा की बारी इस जगह से दुर्ग के निचे जाया जा सकता है कहा जाता है की यही पर जयमल अकबर की गोली से लंगड़े हुए थे |  लखोटा की बारी के बाद आता है जैन कीर्ति स्तंभ इसका निर्माण चौदहवी सदी में हुआ था आसमानी बिजली गिरने के कारण इसकी उपरी छत्तरी टूट गई थी जिसकी मरम्मत महाराणा फ़तेह सिंह ने करवाई थी

विजय स्तंभ – मालवा के साथ युद्ध में जितने पर महाराणा कुम्भा ने इसका निर्माण करवाया था इसमें 157 सीढिया ह और 8 माले है |

जौहर बाग – जौहर बाग़ एक एसा कुंड है जहा पर राजपूत वीरांगनाए दुश्मन से खुद की आबरू बचने के लिए आग में कूद जाती थी | चित्तौडगढ़ दुर्ग  में तीन जौहर हुए है सबसे पहला रानी पदमावती का जौहर दूसरा रानी कर्णावती का जौहर और तीसरा अकबर द्वारा दुर्ग पर फतह हासिल कर लेने के बाद | इस बारे में मै आपको अगले ब्लॉग में बताऊंगा |

चितौडगढ़ दुर्ग, places to visit in chittaurgarh
गौमुख कुंड

गौमुख कुंडजौहर बाग के पास थोडा आगे है गौमुख कुंड , यहाँ पानी गौ मुख से लगातार गिरता है जो कहा से आता है किसी को नहीं पता चित्तौडगढ़ दुर्ग पर हुए सभी आक्रमणों के दौरान पानी का यही एक प्रमुख सत्रोत था

पदमिनी महलचित्तौडगढ़ किले के दक्षिण में स्तिथ एक तीन मंजिला सफ़ेद ईमारत है कहा जाता है रानी पद्मिनी बहुत खुबसूरत थी और उनकी खूबसूरती ही चित्तोड़ के विनाश का कारण बनी |

चित्तौडगढ दुर्ग में घुमने लायक अन्य जगह – फतह प्रकाश महल , मीरा बाई मंदिर , कलिका माता मंदिर , भीम कुंड

चित्तौगढ़ दुर्ग में संघ्रालय है जो की फतह महल में है और उसमे कुछ मेवाड़ के एतिहासिक वस्तुए, पुतले, तस्वीरें संरक्षित हैं

चित्तौगढ़ के बारे में और पढने के लिए यहाँ क्लिक करे

Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

1 thought on “चित्तौडगढ़ दुर्ग | places to visit in chittaurgarh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.