GOLDEN FORT JAISALMER HINDI

आओ चले GOLDEN FORT JAISALMER के अन्दर : Hindi Blog

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30 फुट ऊँची दीवार पर बना 99 बुर्ज वाला एक विशाल किला जिसमे आज भी जैसलमेर की एक चौथाई आबादी रहती है, 1156 ई. में महारावल जैसल ने इस किले को बनवाया था जैसलमेर नाम महारावल जैसल के नाम पर ही पड़ा है जैसल खुद उनका नाम और मेरु यानी के पहाड़ .

किले के अन्दर कई हवेलिया और मंदिर है जिनकी सैर मै आपको इस यात्रा चिट्ठे में करवाऊंगा लेकिन उस से पहले बता दू किले को सोनार किला, सोने का किला, GOLDEN FORT JAISALMER के नाम से जाना जाता है वजह है ये पीले बलुआ पत्थर का बना है और सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सोने जैसा चमकता है

GOLDEN FORT JAISALMER में मेरी यात्रा

GOLDEN FORT JAISALMER WALLS
जैसलमेर दुर्ग की दीवारे

जब मैंने जोधपुर से जैसलमेर में  प्रवेश किया तो सबसे पहली नजर किले पर पड़ी और उसी समय योजना बन गई के gadisar lake देखने के बाद JAISALMER FORT जाएंगे चाहे गर्मी कितनी भी हो . मई का महिना है तो साफ़ बात है 10 बजे तापमान 35 डिग्री के ऊपर हो जाता है पर वो जनाब शाहरुख़ खान का डायलाग है न की किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो सारी कायनात उसे आपसे मिलाने में जुट जाती है वैसे ही जैसलमेर मेरा हमेशा से पसंदीदा शहर रहा है पर यात्रा अब जाके हुई है

किले के बाहर से गाइड लिया जिसने 50 रुपए मांगे हैरानी की बात है इस विशाल किले में इतने कम कीमत पर गाइड उनसे ही पुचा ये तो जवाब मिला इक्के दुक्के पर्यटक आते है इस गर्मी में जो दे जाए रख लेते है . और बस फिर यूँही चल दिए साथ उन महाशय के …

JAISALMER FORT के अन्दर

SONAR KILA
दुर्ग का प्रवेश द्वार

ये किला और किलो से अलग है क्यूंकि यंहा आज भी लोग किले के अन्दर रहते है इसलिए यंहा अन्दर जिन जगहों के लिए पर्यटक आते है मै उनके बारे में इस चिट्ठे आओ चले ‘GOLDEN FORT JAISALMER के अंदर ‘ में लिखने जा रहा हु.

1. बा री हवेली ( सांस्कृतिक केंद्र और संघ्राह्ल्या )

BAA RI HAVELI GOLDEN FORT JAISALMER
बा री हवेली की पुराणी बैठक

ये एक 450 साल पुरानी हवेली जो आज एक म्यूजियम है इसका टिकेट है 50 रुपए, कुछ दशक  पहले तक यंहा बनिए रहते थे जो की व्यापार इत्यादि करते थे इस हवेली में उन्ही का सामान है जो उस समय से लेकर कुछ दशक पहले तक इस्तेमाल होता आया है .

BA RI HAVELI
मुनीम कक्ष

घुसते ही सामने मुनीम जी का कक्ष आता है जन्हा आप हुक्के और पगड़ी में फोटो ले सकते है जैसे मेनीम जी उस जमाने में रहते थे वेसा ही बैकग्राउंड वही मदिरा के गिलास वही साज सज्जा और बही खाते.

ये तीन मंजिला एक हवेली है या यु कह दे की JAISALMER FORT का एक सांस्क्रतिक म्यूजियम है .

जैसलमेर के जैन मंदिर

JAIN TEMPLES OF RAJASTHAN
हवेली की खिडकी से दीखते जैन मंदिर

किले के अंदर कई मंदिर है , जिनमे से पार्सवनाथ जी का जैन मंदिर भी है जो सबसे खुबसूरत है . बा की हवेली के बाद जैसे ही उस पतले रस्ते से आगे जायेंगे तो कुछ कदम चलने पर ये मंदिर आता है .

अगर आप पत्थर की कलाकारी के शौक़ीन है तो ये जगह सबसे आदर्श है इस मंदिर में पीले बलुआ पत्थर को खूबसूरती से काटकर सजाया है जो की तस्वीर की बजाय कही ज्यादा सुन्दर असल में लगेगा .इसके अलावा एक हैरतंगेज कला का नमूना सफ़ेद रंग की भगवान पार्सवनाथ की मूर्ति जो की बालू मिटटी से बनाई है पर दिखती हुबहू संगमरमर की है भी इस मंदिर में ही है .

किले के अन्दर पतली गलियों की सैर

streets of old jaisalmer
किले के भीतर पतली गलियां

अब जब आप किले में परवेश करते है तो ये वही से पतली गली शुरू हो जाती है किले के अंदर जो जैसलमेर बसा है दरअसल वो पुराना जैसलमेर शहर है और इन पतली गलियों में ही जैसलमेर के असली रंग दिखते है .

किले की तोप और शहर का नजारा

canon at jaisalmer fort
किले के बुर्ज पर रखी तोप

अब जिस पतली गली में हम चलते जा रहे थे वो जहाँ जाके खत्म हुई वहां का नजारा अदभुत था , यानी पूरा जैसलमेर शहर आपके सामने . किले की यही ख़ास बात है की UNESCO की विशव धरोहर की सूचि में आने का बावजूद भी इस किले में आप किसी भी बुर्ज पर किसी भी कोने से शहर देख सकते हो .

कुछ देर यंहा तस्वीरबाजी के बाद अब आगे चलते है इन्ही पतली गलियों से जो की घूम कर वही जनाना महल के सामने आ जाती है लेकिन उस से पहले एक और चीज रह गई.

हस्तशिल्प सामान की खरीददारी

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किले के अंदर हस्तशिल्प का सामान जिसे पर्यटक जरुर लेते है , ऊंट के चमड़े से बने बैग , बटुवा और इसके अलावा परिधान की खरीददारी भी इस किले में कर सकते है .

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कीमत वाजिब सी ही लगी अगर आप मोल भाव करना जानते है तो और आसान रहेगा सस्ते में खरीददारी . मैंने हाबुर स्टोन का एक पिरामिड लिया जो की बताया जाता है शुभ होता है खैर मैंने अपनी इच्छा से लिया है इन सब बातो पर यकीन कम ही करता हु मै

पतली गलियों से शौपिंग के बाद फिर से रानी महल के पास पहुच जाते है और फिर एक एक कर गणेश पोल, सूरज पोल, अखे पोल से होते हुए एक न भुलाई जाने वाली यात्रा का अंत हो जाता है .

किले से जुडी अन्य जानकारी

jaisalmer view from fort
दुर्ग पर ऊंचाई से दिखता जैसलमेर शहर

JAISALMER FORT के हर बुर्ज पर बेलनाकार गोल पत्थर रखे है जिनका इस्तेमाल शत्रु पर लुढकाने के लिए किया जाता था ताकि वो हमला करने में सफल न हो सके . किले पर हुमायूं और अल्लाउदीन खिलजी ने कई बार आकर मन किया पर वो हमेशा असफल रहे .

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किले का वह बुर्ज जहाँ सजा के तौर पे बंदी को लटकाया जाता था

किले की बनावट इसके पोल यानि प्रवेश द्वार इस तरह बनाये गए है की ज्यादा शत्रु एक साथ नहीं चढ़ सकते. अखे पोल किले का पहला द्वार है जिसका बुर्ज बहुत महत्वपूर्ण है क्योकि वो अन्दर से खोखला है उसमे किसी शत्रु या देशद्रोही  को सजा हेतु नमक का बोरा बांधकर लटकाया जाता था लटकाया जाता था .

किले में मोती महल, रंग महल, गज विलास जैसे खुबसूरत नक्काशी वाले महल है जो की राजपूत और मुग़ल कला से बने हुए है.

कैसे पहुंचे

जैसलमेर रेल और सड़क मार्ग द्वारा आसपास के बड़े शहरों से आचे तरह से जुडा हुआ है, शहर में हवाई अड्डा भी है जहाँ पर कुछ उड़ाने है दिल्ली और जयपुर के लिए .

किले के अन्दर मौजूद हॉस्टल को जाती गली

जैसलमेर में रुकने के हर तरह के होटल और हॉस्टल है BOOKING.COM की सहायता से आप एक अच्छी कीमत पर कमरा ले सकते है अगर कुछ समय पहले बुकिंग करे या गर्मियों में जाते है तो कीमती कम ही मिलेगी फिर भी कुछ हेरिटेज होटल है जिनके नाम है सूर्यगढ़ , गोरबंध पैलेस , MARRIOT जो की हेरिटेज होटल है अगर बजट में यात्रा करते है तो गाजी होटल , जैसल हवेली कुछ सस्ते और बढिया होटल है इसके अलावा किले में भी हॉस्टल है  .

 

 

मेरा इसके बाद लेख गोरबंध पैलेस पर ही होने वाला है जिसमे ठहरने का अवसर मुझे ऑफ-सीजन  की वजह से सस्ते में मिल गया था .

तो ये था मेरा लेख आओ चले GOLDEN FORT JAISALMER HINDI में आशा करता हु आपको अच्छा लगा होगा आगे के लेख पढने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे …. तब तक के लिए खाम्भाघणी सा

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Post Author: rao ankit

few months ago in 2017 I decided I'd rather make no money and do what I love rather than make alot of money and hate my job. now i think choosing traveling is Best decision of my life

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